असीम संभावनाओं का क्षेत्र है जैव प्रौद्योगिकीः प्रो. थपलियाल

असीम संभावनाओं का क्षेत्र है जैव प्रौद्योगिकीः प्रो. थपलियाल
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कोटद्वार। जैव प्रौद्योगिकी असीम संभावनाओं का क्षेत्र है। अनुप्रयोगों के साथ इसकी संभावना समय के साथ-साथ और विस्तृत हो रही हैं। इसे कॅरियर के तौर पर अपनाने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए।

ये कहना है ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, देहरादून के प्रो. आशीष थपलियाल का। थपलियाल गर्वनमेंट पीजी कॉलेज के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग में “बायोटेक्नोलॉजी में सम्भावनायें“ विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।

उन्होंने छात्रों को जैव प्रौद्योगिकी की विशेषताएं एवं अनुप्रयोगों पर विस्तृत जानकारी दी। जोर देकर कहा ये क्षेत्र असीम संभावनाओं को समेटे हुए हुए है। इसे कॅरियर के तौर पर अपनाया जाना चाहिए। विशिष्ट अतिथि गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, मालदेवता, रायपुर की जंतु विज्ञान विभाग की विभागध्यक्ष प्रो. मधु थपलियाल ने जैव प्रौद्योगिकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. जानकी पंवार ने कहा कि इस तरह की गोष्टी छात्र एवं छात्राओं के व्यक्तित्व के विकास के लिए अत्यंत लाभदायक है। बायो टेक्नोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सुनीता नेगी ने भी जैव प्रौद्योगिकी के प्रयोजन कार्यों पर प्रकाश डाला।

आयोजन में बायोटेक्नोलॉजी विभाग एवं जंतु विज्ञान के प्राध्यापक डा. सुनयना शर्मा, आशीष चार्ल्स, विमल त्यागी एवं समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

Tirth Chetna

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