उत्तराखंड में कांग्रेस के द्वार पर संकट की आहट

उत्तराखंड में कांग्रेस के द्वार पर संकट की आहट
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देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस के द्वार पर बड़े राजनीतिक संकट की आहट साफ-साफ सुनाई दे रही है। इस संकट से विधानसभा में कांग्रेस का स्कोर प्रभावित हो सकता है। संकट को टालने के हो रहे सतही प्रयास इसे और बढ़ा रहे हैं।

जी हां, चुनाव परिणाम के एक माह बाद ही उत्तराखंड में कांग्रेस बड़े संकट में दिख रही है। संकट की वजह पार्टी हाईकमान का निर्णय है। दरअसल, पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उपनेता का चयन एक ही क्षेत्र से किया। इससे दूसरे क्षेत्र में असंतोष साफ-साफ दिख रहा है।

असंतोष इस कदर हो चला है कि 2016 जैसे हालत दिख रहे हैं। तब उत्तराखंड में कांग्रेस में बड़ी टूट हुई थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में इसका असर दिखा था। बहरहाल, इन दिनों कांग्रेस के कुछ विधायक भाजपा के संपर्क में हैं।

चर्चा ये है कि कुछ विधायक संपर्क से आगे बढ़ चुके हैं और जल्द ही बड़ा ऐलान कर सकते हैं। विधायकों के बयानों से काफी कुछ बातें स्पष्ट हो रही हैं। ऐसा होता है कि विधानसभा में कांग्रेस का मौजूदा स्कोर प्रभावित होगा। इन सबके बावजूद कांग्रेस के कुछ नेता मीडिया में ऑल इज वेल की बात कर रहे हैं।

कुल मिलाकर उत्तराखंड कांग्रेस के द्वार पर बड़े संकट की आहट साफ-साफ सुनाई दे रही है। इसको टालने के लिए लिए हो रहे सतही प्रयास संकट को और बढ़ा रहे हैं। ये सब बातें कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित कर रही हैं।

 

Tirth Chetna

One thought on “उत्तराखंड में कांग्रेस के द्वार पर संकट की आहट

  1. ऐसा कोई है जो नेताओं द्वारा जनता के। साथ इस तरह से होने वाले विश्वाश घात को रोक सके,
    किसी एक पार्टी के। नाम पर वोट मांगना, और जीतने के बाद अपने स्वार्थ के कारण दूसरी पार्टी के साथ मिल जाना और वो भी उस पार्टी के। साथ जिसकी बुराई गिना गिना कर लोगों से वोट पाए।
    ये क्या है इन लोगों के लिए कोई कानून क्यों नही है।

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