एक नए भारत की ओर, नरेंद्र मोदी शासन के आठ साल’

एक नए भारत की ओर, नरेंद्र मोदी शासन के आठ साल’
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नरेश बंसल।

कुछ लोग अपने शौर्य , पराक्रम , संकल्प और शानदार कार्य प्रदर्शन से इतिहास में गरिमामयी स्थान पाते हैं और कुछ अपनी शख़्सियत से इतिहास बनाते हैं।

जी हां, बात हो रही है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र – भारत के संसदीय इतिहास में 14 मई 2014 का दिन एक स्वर्णिम दिवस है। इस दिन पहली बार सांसद चुने गए नरेंद्र मोदी ने संसद में प्रवेश किया। संसद भवन की सीढ़ी पर अपना सिर नवाकर ईश्वर की कृपा और 135 करोड़ भारतीयों के आशीर्वाद के लिए अपना सम्मान अभिव्यक्त किया।

भारत के 14 वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही स्पष्ट हो गया था कि वो देश की बेहतरी और कुछ हटकर करने का संकल्प ले चुके हैं। देश के आम जन को इसका भरोसा पहले दिन ही हो गया था। 26 मई, 2014 को कार्य भार ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों के भरोसे के मुताबिक काम करना शुरू किया और आठ सालों को बहुत कुछ बदल गया।

राजनीतिक अस्थिरता समाप्त हो गई। भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा, देश के दुश्मनों तक मजबूत संदेश गया, अर्थ व्यवस्था मजबूत हुई। सरकारी संस्थानों पर लोगों का भरोसा लौटा। विश्व फलक पर भारत का मान सम्मान बढ़ा। भारत की वैश्विक रैंकिंग में सुधार हुआ। यही वजह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आठ साल के कार्यकाल पर आम लोगों में जश्न का माहौल है।

आठ सालों में बगैर किसी अवकाश लिए देश के लिए काम करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशों में भारत के गौरव का परचम लहराया है । भारत की सुरक्षा , आर्थिक प्रगति , युवा विकास , किसानों की ख़ुशहाली और भारत के करोड़ों गरीब नागरिकों के जीवन की बेहतरी के लिए अपनी पूरी शक्ति और सामर्थ्य लगा दिया ।

आठ वर्षों में प्रधानमंत्री पर जनता के भरोसे का का आंकलन किया जाए तो हम पाएंगे कि ये भरोसा सतत् रूप से बढ़ा है । एक आम नागरिक के मन में ये विश्वास जागा है कि सरकार चलाने के मोदी – सुशासन में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। आर्थिक योजनाओं का सीधा – सीधा लाभ लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए बनायी गई नई व्यवस्थाओं में बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर दिया गया है ताकि योजनाओं का लाभ सीधे – सीधे जनता तक पहुँच सकें। सत्ता के गलियारों से भ्रष्टाचार गायब है।

इस देश ने अरबों रुपए के घोटालों में मंत्रियों, सांसदों और मुख्यमंत्रियों को जेल जाते देखा है लेकिन पिछले आठ वर्षों में सत्ता पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा है। शासन ने किसी को भी कोई उंगली उठाने का अवसर नहीं दिया है। प्रधानमंत्री का कहना बिल्कुल सत्य है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने ऐसा कोई गलत काम नहीं किया जिससे देशवासियों को सिर झुकाना पड़े।

वैश्विक महामारी का प्रबंधन करना हो, आतंकवाद से लडऩा हो या अपने नागरिकों को विदेशी धरती पर सबसे प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाना हो, मोदी सरकार ने जन आकांक्षाओं के अनुरूप ही कार्य किया जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने, तीन तलाक, पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करने, जीएसटी लागू करने, नागरिकता संशोधन कानून लागू करने, कोरोना से निपटने और इससे प्रभावित गरीबों को आश्रय देने, आयुष्मान भारत योजना ऐसे फैसले रहे जिनसे न केवल राष्ट्र मजबूत हुआ बल्कि यह साबित हुआ कि सरकार की नीतियां और नीयत समर्पित सुशासन की है , उनमें कोई खोट नहीं है । सृजनात्मक कल्याणकारी योजनाओं ने देश का चेहरा बदला है।

सत्ता को सेवा का माध्यम मानकर गरीबों, किसानों, महिलाओं व वंचितों को उनके अधिकार दिए जिससे लोकतंत्र में उनका विश्वास जगा और वो देश की विकास यात्रा में सहभागी बने । गत आठ सालों में मोदी ने देश के हर नागरिक के सपनों व आकांक्षाओं को पंख देकर उनमें नया आत्मविश्वास जगाया है । सक्षम नेतृत्व व दृढ़ इच्छाशक्ति से न केवल देश की सुरक्षा को सशक्त किया है बल्कि कई ऐसे निर्णय लिए जिससे हर देशवासी का सिर गर्व से ऊंचा उठा ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के आठ वर्ष उपलब्धियों और सफलताओं से परिपूर्ण रहे हैं । जन-विश्वास को आधार बना कर, इन वर्षों में विकास, सुशासन और जन कल्याण के नए प्रतिमान स्थापित किए गए हैं । इन आठ सफल वर्षों में भारत की विश्व में एक नई पहचान बनी है. आज भारत पूरे विश्व में एक स्वाभिमानी और मज़बूत नेतृत्व वाले देश के रूप में पहचाना जा रहा है ।

पीएम मोदी के नेतृत्व में लिए गए साहसिक फैसलों के चलते जनता राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ी है। आतंकवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ गृहमंत्री अमित शाह को भी जाता है।

संवेदनशील नेतृत्व में केंद्रीय सत्ता और संगठन को सेवा का पर्याय ही बना दिया गया। सुशासन जिसमे समूचा देश आज लगभग दंगामुक्त हो गया है साम्प्रदायिक और तुष्टिकरण की राजनीति को विराम लगा है कश्मीर से कन्यामुमारी तक भारत की एकता और अखंडता जितनी आज मज़बूत है, वैसा पहले कभी नहीं रही दुनिया भर में आज पीएम मोदी के सुशासन की पहचान है अनेक वैश्विक संगठनों ने मोदी जी को विश्व के सर्वश्रेष्ठ नेता का खिताब दिया है। ये देश के लिए गर्व की बात है। भले ही महामारी एक आकस्मिक घटना थी, लेकिन इसके खिलाफ मोदी सरकार की प्रतिक्रिया अप्रत्याशित थी। हर स्तर पर मोदी सरकार महामारी के पूर्व के वर्षों में किए गए आधारभूत कार्यों का पूरा लाभ उठा रही थी।

वैश्विक महामारी के दौरान, जब बार-बार लगाए गए लॉकडाउन लोगों को, विशेष रूप से गरीबों के जीवन में व्यवधान पैदा कर रहे थे, मोदी सरकार ने सुनिश्चित किया कि कोई भी भूखा न रहे। मार्च 2020 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त में उपलब्ध कराया गया। साथ ही तमाम कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ा जा चुका है। दस करोड़ से अधिक परिवारों को ओडीएफ से मुक्ति, उज्ज्वला योजना के तहत नौ करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति, 2.5 करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली, 6 करोड़ से अधिक परिवारों को नल का पानी।

यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं बल्कि जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है। यदि कोई एक भावना, जो मोदी सरकार के पिछले 8 वर्षों को समाहित कर सकती है, वह है ‘सेवा की भावना’ या लोगों के कल्याण के लिए पूर्ण समर्पण। वर्ष 2014 के बाद अगर कोई सबसे बड़ी विजय है तो वह है लोगों का अब सरकार और भारतीय लोकतंत्र की शक्ति पर भरोसा बहाल करना। आठ साल की यह यात्रा देश की सोच को बदलने की यात्रा है। ये आत्मनिर्भर भारत की यात्रा है, विश्वगुरु के पद पर भारत के प्रतिष्ठित करने का मार्ग बनाने की यात्रा है। यह यात्रा आत्मनिर्भर भारत की “संकल्प से सिद्धि” के रहे हैं।

पीएम मोदी की हर योजना अंतिम लाभार्थी तक पहुँचने के परिणाम यह रहे हैं कि रू8 वर्षों में देश की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हुई है। 2014 में 79 हजार रुपये सालाना, अब डेढ़ लाख रुपये हो गया है। एक के बाद एक व्यवधानों के बावजूद भारत ने सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखी है। कोविड के कारण उत्पन्न मंदी के बावजूद पिछले वित्त वर्ष में 418 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात वित्तीय वर्ष 2021-22 के दस महीने में भारत के कृषि निर्यात में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

खादी के विकास के लिए आजादी के 70 सालों तक कोई काम नहीं हुआ। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद पहली बार खादी उत्पादों ने एक साल में एक लाख 15 हजार करोड़ रुपये का कारोबार किया है। 2021-22 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह बढ़ कर 83.57 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र ने प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी निवेश की भागीदारी दर्ज की।

कोविड के बाद भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रवाह में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो भारत की विकास गाथा में वैश्विक विश्वास को दर्शाती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। विदेशी मुद्रा भंडार भी लगभग दोगुना हुआ है। 2014 में 300 अरब डॉलर, अब लगभग 600 अरब डॉलर आजादी के 70 साल में देश में केवल 6.37 लाख प्राइमरी स्कूल बने जबकि पीएम मोदी की सरकार के केवल 8 वर्षों में 6.53 लाख प्राइमरी स्कूल बने।

विगत आठ वर्षों में देश में 15 नए एम्स का निर्माण हुआ जबकि आजादी से 2014 तक देश में केवल 7 एम्स थे, उसमें से भी 6 अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में बने। डॉक्टरों की संख्या भी पिछले 8 साल में 12 लाख से ज्यादा बढ़ी है। 8 साल में लगभग 170 नए मेडिकल कॉलेज बने।

मोदी सरकार उद्यमशीलता को बढ़ावा देने पर ज़ोर दे रही है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल भारत में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के हमारे चार स्तंभों पर आधारित है। नई कार्यविधिरू ‘मेक इन इंडिया’ का मानना है कि उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए एक सबसे महत्वपूर्ण बात ‘कारोबार करने की सुविधा’ है। कारोबारी माहौल को आसान बनाने के लिए कई इनीशिएटिव पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। इसका उद्देश्य पूरे कारोबारी चक्र के दौरान इंडस्ट्री को डी-लाइसेंस और डी-रेग्युलेट करना है।मोदी सरकार ने स्टार्टअप इंडिया और वैंचर कैपिटल फंडिंग की शुरूआत की और सरकार की पहल से ही इस वर्ष स्टार्टअप की संख्या 66000 हो गई और यूनिकार्न की संख्या 100 के पार चली गई। मेक इन इंडिया अभियान के तहत प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया गया ।आज रक्षा क्षेत्र सहित कई अन्य क्षेत्रों में भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

देश के कर्मयोगी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने भारत में नई शिक्षा नीति लागू की जो देशके विद्यार्थियों और युवा शक्ति में एक नई आशा और ऊर्जा का संचार कर रही है । नई शिक्षा नीति का उद्देश्य मुख्य रूप से निवेश में पर्याप्त वृद्धि और नई पहल के साथ 3-6 वर्ष के बीच के सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा तय करना है।

मेरे लिए पांच प्रमुख बातों में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम, स्कूली शिक्षा के लिए 100ः नामांकन अनुपात प्राप्त करना, लॉ और मेडिकल एजुकेशन के अलावा समूची उच्च शिक्षा के लिए सिंगल रेगुलेटर, विज्ञान, कला, मानविकी, गणित और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए एकीकृत शिक्षा और वर्ष 2025 तक 50ः छात्रों को वोकेशनल शिक्षा प्रदान करना शामिल हैं। इनमें भी सबसे महत्वपूर्ण मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम है। अभी यदि कोई छात्र छह सेमेस्टर इंजीनियरिंग पढ़ने के बाद किसी कारण से आगे की पढाई नहीं कर पाता है तो उसको कुछ भी नहीं मिलता। अब एक साल के बाद पढाई छोड़ने पर सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा व तीन-चार साल के बाद पढ़ाई छोड़ने के बाद डिग्री मिल जाएगी। देश में ड्रॉप आउट रेश्यो कम कम करने में इसकी बड़ी भूमिका होगी। नई शिक्षा नीति से देश में रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा व रटकर पढ़ने की संस्कृति खत्म होगी।

नई शिक्षा नीति तय करेगी कि हमारे छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे। एक स्वायत्त निकाय बनाया जाएगा। जो शिक्षा के सभी स्तरों में प्रौद्योगिकी का उपयुक्त एकीकरण करेगा । यह शिक्षा नीति वैज्ञानिक सोच पर आधारित होगी लेकिन उसमें भारतीय जीवन मूल्य भी रहेंगे तथा यह डिजिटल भी होगी और दूरवर्ती भी होगी इसके साथ ही यश अनुसंधान और नवाचार को भी बढ़ावा देगी और विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कौशल को निख़ारेगी।

इन गौरवमयी 8 सालों में भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुँच गया। पिछले 8 साल में पीएम मोदी की सरकार ने लगभग तीन लाख 25 हजार किमी सड़क निर्माण को मंजूरी दी है। सौर और पवन ऊर्जा में भारत की क्षमता बीते पांच सालों में दोगुनी हुई। 2012-13 में देश में खाद्यान्न का उत्पादन 255 मिलियन टन था जो 2021-22 में बढ़ कर 316.06 मिलियन टन हो गया है। यह आजादी के बाद अब तक का रिकॉर्ड उत्पादन है।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था, दिल्ली से निकला एक रुपया ज़मीन पर मात्र 10 पैसा बन कर पहुंचता है, अब डीबीटी के तहत शत-प्रतिशत पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जाना संभव हुआ है जीरो लीकेज 8 वर्षों में लाभार्थियों को अब तक नरेन्द्र मोदी सरकार ने 225 ख़रब रुपये ट्रांसफर किये हैं जो गरीबों के सशक्तिकरण का एक प्रमुख टूल बन कर उभरा है।

देश के 12 करोड़ से अधिक किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दे रहे हैं। अब तक 11 किस्तों में किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक दिए जा चुके हैं। इसके अलावा एमएसपी पर धान खरीदी से लेकर उर्वरकों पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है एक बोरा यूरिया पर 3 हज़ार से अधिक तो डीएपी पर 2 हज़ार से अधिक अनुदान पीएम मोदी दे रहे हैं। देश के लगभग 55 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल रहा है। अब तक तीन करोड़ से अधिक लोग लाभ ले चुके हैं और 18 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है। 9 करोड़ से अधिक घरों में नल से जल पहुंचाने की शुरुआत हो गई है। इस वर्ष लगभग चार करोड़ घरों को इससे जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

2014 से पहले समस्याओं को ही नियति मान लिया गया था। देश की जनता ने तो यह सोचना ही छोड़ दिया था कि ये समस्याएं कभी ख़त्म भी हो सकती हैं। लेकिन पीएम नरेन्द्र मोदी की मंशा ही कुछ और थी। पिछले आठ वर्ष जन आकांक्षाओं को पूरा करने के रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सफलता के पीछे क्या कारण हैं जिन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक भारत में उन्हें अब तक अपराजय बना डाला है।
प्रधानमंत्री मोदी की सफलता के पीछे पीसीसी है। पीसीसी यानि प्रसैप्शन, कम्युनिकेशन और कनैक्शन। प्रधानमंत्री मोदी में ऐसी विलक्षण बाते हैं जिनसे उनका राजनीतिक कद काफी ऊंचा हो चुका है। प्रधानमंत्री पर लोगों का भरोसा इसलिए बढ़ा है क्योंकि वे लोगों से उन्हीं की भाषा में सीधा संवाद करते हैं और लोगों के साथ उनका यह कनैक्शन उन्हें सफलता दिलाता है।

आठ वर्षों के दौरान देश ने अनेक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों को देखा। शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की समस्याओं से देश को जूझना पड़ा लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी कार्यशैली से हर वर्ग को संतुष्ट करने का प्रयास किया। कोरोना महामारी से उभरने के बाद हालांकि कई चुनौतियां देश के सामने हैं लेकिन जनता को उन पर इतना भरोसा है कि मोदी हैं तो मुमकिन है, सभी चुनौतियों से छुटकारा मिल जाएगा। महंगाई, बेरोजगारी देश की बुनियादी समस्याएं हैं लेकिन रोटी के साथ-साथ विदेश नीति, सामरिक नीति, व्यापार, उत्पादन, निर्यात, ग्रामीण विकास और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आदि भी बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। सियासत हो या कूटनीति मोदी सरकार हर मोर्चे पर सफल रही है ।

मोदी के नेतृत्व में भारत के नागरिक आज एक नई आशा और विश्वास के साथ उभरते हुए अपने देश को देख रहे हैं। आज सपने भी हैं और सपनों को साकार करने वाले संकल्प और प्रयास भी। विकास की ये यात्रा जिसका नेतृत्व मोदी जी कर रहे हैं भारत को पूरे विश्व में मान, सम्मान और एक नई पहचान दिलाने के लिए प्रयत्नशील है जहाँ शासन का अर्थ है सेवा और समर्पण।

लेखक- राज्य सभा के सांसद और भाजपा नेता हैं।

Tirth Chetna

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