मुख्यमंत्री धामी ने किया मां कुंुजापुरी मेले का शुभारंभ

मुख्यमंत्री धामी ने किया मां कुंुजापुरी मेले का शुभारंभ

विकास प्रदर्शनी का उदघाटन, शानदार झांकियों ने मोहा लोगों का मन


तीर्थ चेतना न्यूज

नरेंद्रनगर। नौ दिवसीय 50वें मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण कर विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों और विभागों की शानदार झांकियों ने हर किसी का मन मोह लिया।

रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां कुंजापुरी मेले का शुभारंभ किया। मेले के शुभारंभ से पूर्व सीएम ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं तथा स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी ली।

‎इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि वर्ष 1974 से निरंतर आयोजित हो रहा यह मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। पांच दशकों की यात्रा पूरी कर चुका यह आयोजन धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के साथ व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने मेले के संस्थापक एवं तत्कालीन जिलाधिकारी श्री सुरेंद्र सिंह पांगती के योगदान की सराहना करते हुए आयोजन समिति, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और कलाकारों को मेले के आयोजन की बधाई दी।
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‎मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति और जीवन मूल्यों में निहित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बदरी-केदार क्षेत्र में विकास कार्यों और मानसखंड मंदिरों के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। चारधाम यात्रा में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

‎उन्होंने सरकार की प्राथमिकता गिनाते हुए कहा कि पलायन रोकना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में लगातार काम हो रहे है। ‎

‎मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, सशक्त भू-कानून और नकल विरोधी कानून के माध्यम से व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई, ऑपरेशन कालनेमि और मदरसा बोर्ड को समाप्त करने के निर्णय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। सरकार उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

‎टिहरी जनपद में संचालित विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। नरेंद्रनगर क्षेत्र में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार निर्माण, गजा अस्पताल के उच्चीकरण और लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन सहित विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

‎मेले के शुभारंभ अवसर पर आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। इनमें बैंड की मधुर धुनों के साथ छोलिया नृत्य, गाड़ू गड़ा तेल, महिषासुर मर्दिनी, भारत की गौरवशाली बेटियां, प्रह्लाद की भक्ति पर आधारित नरसिंह अवतार, सूर्य नमस्कार, माखन होली, मां कुंजापुरी, बदलता नरेंद्रनगर एवं बढ़ता नरेंद्रनगर और कालबेलिया नृत्य सहित विभिन्न विषयों का प्रदर्शन किया गया। सांस्कृतिक दलों तथा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। झांकियों और जनजागरूकता रैली के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जागरूकता और विकास के संदेश दिए गए।

‎वन एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मेले की स्वर्ण जयंती पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती द्वारा शुरू किया गया यह मेला आज जनसहभागिता से बड़े राज्यस्तरीय आयोजन का रूप ले चुका है। यह आयोजन उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ खेल एवं पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करता है। उन्होंने नरेंद्रनगर में पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट एवं पदों के सृजन और सीवर लाइन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

‎मेले के संस्थापक एवं तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती ने आयोजन की यात्रा और विकास से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पांच दशकों से यह मेला क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। उन्होंने इसके निरंतर विस्तार में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और आयोजन समिति के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
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‎नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार ने कहा कि मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने और पर्यटन को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। मेले की स्वर्ण जयंती क्षेत्रवासियों के लिए गौरव का अवसर है। इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को अपनी कला एवं संस्कृति प्रदर्शित करने का मंच मिलता है।

‎इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Tirth Chetna

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