जीत के दावों के बीच कमीपेशी पर भी फोकस

जीत के दावों के बीच कमीपेशी पर भी फोकस
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ऋषिकेश। कांग्रेस और भाजपा ने जीत के दावों के बीच कमीपेशी पर भी फोकस करना शुरू कर दिया है। इसके लिए हर उम्मीद को दोनों दलों के दिग्गज नॉक कर रहे हैं। ताकि जरूरत पड़ने पर उम्मीदों को अपने पाले में किया जा सकें।

आखिरकार मार्च 2022 शुरू हो गया। इस महीने होली भी होगी और उससे पहले 10 मार्च को होली-दीवाली का कोम्बोपैक फस्टिवल भी। 10 मार्च को विधानसभा चुनाव का नतीजा आएगा। नई सरकार बनेगी 14 फरवरी को हुए मतदान और इसके बाद की सारी कयासें समाप्त हो जाएंगी।

दावों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। जीत के बड़े-बड़े दावे कर रहे कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं का फोकस सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या में कमीपेशी पड़ने की स्थिति पर है। इसके लिए हर उम्मीद को दोनां दल नॉक कर रहे है।

इन उम्मीदों में निर्दलीय, यूकेडी और बीएसपी के कुछ चेहरे शामिल हैं। जिनकी जितने की उम्मीद है उन्हें दोनों दल कई बार नॉक कर चुके हैं। उनके खास समर्थकों के साथ भी संपर्क साधा जा रहा है। दरअसल, मतदान के बाद जनता की चुप्पी, भाजपा में भितरघात का अलार्म और तमाम अन्य बातें इशारा कर रही हैं कि राज्य की अधिकांश सीटों पर कड़ा मुकाबला है।

Tirth Chetna

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