फिर से सरसब्ज होगा श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का हर्बल गार्डन

फिर से सरसब्ज होगा श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का हर्बल गार्डन
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ऋषिकेश। विभिन्न वजहों से झाड़ झंकड़ में तब्दील हुआ श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का हर्बल गार्डन फिर से सरसब्ज होगा। इसका जिम्मा डीन साइंस प्रो. जीके ढींगरा को सौंपी गई है।

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पी पी ध्यानी द्वारा ऋषिकेश परिसर में लगभग मृत प्रायःपड़े हर्बल गार्डन को पुनरोत्थान करने की जिम्मेदारी वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जी के ढींगरा को दी गई थी। इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है।

उम्मीद है कि जल्द ही विश्वविद्यालय का हर्बल गार्डन पूरी तरह से सरसब्ज होगा। इसी क्रम में विज्ञान संकाय के डीन व वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जी के ढींगरा द्वारा परिसर के प्राचार्य प्रो पंकज पंत के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे।

प्रो. ढींगरा ने कहा कि हर्बल गार्डन बनाने का कार्य दो चरणों पूरा होगा जिस हेतु अभी शीतकालीन पौधों को रोपित किया जा रहा हैं, जबकि ग्रीष्म कालीन समय तक विभिन्न प्रजातियों के 250 पौधों का रोपण कर हर्बल गार्डन परिसर में अध्ययनरत छात्रों के लिए वानस्पतिक जानकारी व शोध कार्य के लिए उपयोगी होगा।

प्रिंसिपल प्रो. पंकज पन्त ने कहा कि हर्बल गार्डन के पुनर्जीवन से जहाँ छात्र छात्राओं को शिक्षण व शोध कार्य में लाभ ही नहीं अपितु परिसर की सुन्दरता को भी चार चाँद लगेंगे, वहीं कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के समय से औषधीय पौधों के प्रति लोगों का अत्यधिक रूझान बढ़ रह रहा है, इसलिए आने वाले समय में यह एक लाभदायक सिद्ध होगा ।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. पी. ध्यानी ने अपने संदेश में प्रो पन्त वप्रो. ढींगरा के इस सराहनीय कार्य हेतु शुभकामनाये दी व कहा कि वर्तमान समय में औषधीय महत्व की वनस्पतियों के प्रति आम जनों में आकर्षण को देखते हुए हर्बल गार्डन बेहतरीन विकल्प है, इससे जहां वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलेगा और वातावरण भी संतुलित रहेगा ।

उन्होंने कहा कि हर्बल गार्डन पुनर्जीवन में छात्रों की भूमिका भी महवपूर्ण रहेगी व आने वाले सत्र में इसे भव्य रूप दिया जायेगा। इस अवसर पर डॉ देवमणि त्रिपाठी, डॉ वी के गुप्ता, देवेंद्र भट्ट, अर्जुन पालीवाल, सुरेश रतूड़ी व वनस्पति विज्ञान विभाग के संकाय सदस्य तथा छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।

Tirth Chetna

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