चंपावत उपचुनावः कितनी चुनौती और कितनी औपचारिकता

चंपावत उपचुनावः कितनी चुनौती और कितनी औपचारिकता
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देहरादून। चंपावत विधानसभा सीट पर 31 मई को होने वाला उपचुनाव में सत्तधारी भाजपा के लिए कितनी चुनौती होगा और कितनी औपचारिकता। राजनीतिक पंडित इसका अंदाजा लगाने में जुट गए हैं।

चंपावत उपचुनाव के लिए भाजपा का प्रत्याशी तय है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां से चुनाव मैदान में उतरेंगे। भाजपा और स्वयं मुख्यमंत्री धामी इसकी तैयारियां भी शुरू कर चुके हैं। धामी के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस कितनी चुनौती पेश कर सकेगा ये देखने वाली बात है। अभी तक कांग्रेस ने यहां प्रत्याशी तय नहीं किया।

क्या कांग्रेस 2022 में यहां से चुनाव हारे हेमेश खर्कवाल को चुनाव मैदान में उतारने या टफ फाइट बनाने के लिए किसी बड़े चेहरे पर दांव लगाया जाएगा। कुछ ही दिनों में कांग्रेस की उपचुनाव को लेकर स्ट्रेटजी सामने आ जाएगी।

राज्य में अभी तक मुख्यमंत्रियों के लिए हुए चार उपचुनावों का अनुभव बताता है कि ये चुनाव औपचारिकता भर होता है। मुख्यमंत्री आसानी से चुनाव जीतते रहे हैं। क्या इस बार भी ऐसा ही कुछ होगा।

इस तरह से फिलहाल चंपावत उपचुनाव को लेकर राजनीतिक पंडित कितनी चुनौती और कितनी औपचारिकता का ही आंकलन कर रहे हैं।

Tirth Chetna

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