विश्व एडस दिवसः विवि के ऋषिकेश परिसर समेत डिग्री कॉलेजों में कार्यक्रम

विश्व एडस दिवसः विवि के ऋषिकेश परिसर समेत डिग्री कॉलेजों में कार्यक्रम
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ऋषिकेश/कर्णप्रयाग/ थत्यूड़।
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर समेत राज्य के विभिन्न डिग्री और पीजी कॉलेज में विश्व एडस दिवस पर जागरूकता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही इससे संबंधित शैक्षणिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। 

एनएसएस एवं रेड रिबन क्लब द्वारा विश्व एड्स दिवस के अवसर पर एड्स की रोकथाम एवं जागरूकता में युवाओं का योगदान विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। परिसर के प्रिंसिपल प्रो. पंकज पंत ने इसका शुभारंभ किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि दशकों से एड्स और एचआईवी को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विड़म्बना ये है कि बहुत से लोग इसे आज भी छूआछूत से फैलने वाला संक्रामक रोग मानते हैं।

एड्स तथा एचआईवी के संबंध में यह जान लेना बेहद जरूरी है कि इस संक्रमण के शिकार व्यक्ति के साथ हाथ मिलाने, उसके साथ भोजन करने, स्नान करने या उसके पसीने के सम्पर्क में आने से यह रोग नहीं फैलता। इसलिए एड्स के प्रति जागरूकता पैदा किए जाने की आवश्यकता तो है ही, समाज में ऐसे मरीजों के प्रति हमदर्दी और प्यार का भाव होना तथा ऐसे रोगियों का हौसला बढ़ाए जाने की भी जरूरत है।

डीन आर्टस प्रो. दिनेश चंद गोस्वामी ने कहा कि इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति का उपहास उड़ाने की कोशिश भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह असुरक्षित यौन संबंधों के अलावा संक्रमित सुई, खून और अजन्मे बच्चे को उसके मां से भी हो सकता है।

प्रो. विद्याधर पांडे ने बीमारी भयावहता पर प्रकाश डाला। विश्वभर में एड्स के खात्मे के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं किन्तु अभी तक किसी ऐसे इलाज की खोज नहीं हो सकी है, जिससे एड्स के पूर्ण रूप से सफल इलाज का दावा किया जा सके।यही कारण है कि एड्स तथा एचआईवी के बारे में हर व्यक्ति को पर्याप्त जानकारी होना अनिवार्य माना जाता है।

विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राकेश कुमार ने यूएसए में किए एड्स विषय पर अपने शोध कार्य एवं पीपीटी के माध्यम से छात्रों को संबोधित करते हुए कहा यूनीसेफ की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में एड्स पीड़ित सर्वाधिक संख्या किशोरों की है, जिनमें से दस लाख से भी अधिक किशोर दुनिया के छह देशों दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, केन्या, मोजांबिक, तंजानिया तथा भारत में हैं।

कार्यशाला में उपस्थित अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. हेमंत शुक्ला ने एनएसएस के महत्व एवं एनएसएस द्वारा लोगों को एड्स के प्रति जागरूक करने को कहा संगोष्ठी के कन्वीनर एवं वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ अशोक कुमार मेंदोला ने अध्यक्ष एवं सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। मंच का संचालन कार्यशाला की ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ प्रीति खंडूड़ी द्वारा किया गया।

कर्णप्रयाग। गवर्नमेंट पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग में विश्व एडस दिवस पर छात्र एंव छात्राओ द्वारा जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

जनजागरूकता रैली के पश्चात महाविद्यालय सभागार मे आयोजित व्याख्यान मे राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ एस आर सिंह ने छात्र एंव छात्राओ को एड्स के प्रति लोगो की भांति कैसे दूर किया जाय, इसके लिए सबसे बडा उपाय यह है कहा कि एड्स जानकारी ही बचाव है।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ राधा रावत ने भी छात्र एंव छात्राओ को सम्बोधित करते हुए कहा कि असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स फैल सकता है । इसके लिए हमे हमे लोगो को जागरुक करना जरूरी है छात्र एंव छात्राये आसपास एंव गॉव मे जाकर आमजनमानस को एड्स के प्रति लोगो की गलत धारणा को दूर का प्रयास करे।

विश्व एड्स दिवस पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डा एम एस कण्डारी, डॉ वी आर अंन्थवाल, ने भी छात्र एंव छात्राओ को सम्बोधित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय कर्णप्रयाग के समस्त प्राध्यापक एंव कर्मचारी छात्र एंव छात्राये उपस्थित थे।

थत्यूड़। राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़,टिहरी गढ़वाल मे राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वाधान में एड्स दिवस के उपलक्ष में एक दिवसीय जागरूकता गोष्ठी और विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना संदीप कश्यप के निर्देशन में महाविद्यालय के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. पंकज पांडे ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. सुमन चौहान ने छात्र छात्राओं को एचआईवी एड्स के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की।
महाविद्यालय की जंतु विज्ञान की अध्यक्ष डॉ आंचला नौटियाल ने छात्रों को एड्स वायरस की प्रकृति उसकी संरचना और संरचना में परिवर्तन करने की प्रवृत्ति के बारे में समझाया तथा एचआईवी के फैलने के कारण, बचाव के तरीकों के बारे में जानकारियां प्रदान की। डॉ. अखिल गुप्ता ने छात्रों को वायरस के इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपपिक चित्र, इसकी प्रकृति व्यवहार और शरीर की कोशिकाओं को नष्ट करने के तरीके के बारे में समझाया।
कार्यक्रम अंत में छात्र छात्राओं के लिए पोस्टर स्लोगन और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया पोस्टर प्रतियोगिता में आरती राणा ने प्रथम और प्रीति रागड् द्वितीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता में प्रीति रागढ़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा क्विज प्रतियोगिता में तानिया चमोली ने प्रथम तथा शिवानी कुशलवान ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता सिदोला ने किया कार्यक्रम में डॉक्टर संगीता कैंतूरा डा बिट्टू सिंह डा कुंवर सिंह डा रवि चंद्रा डा संगीता खड वाल डा नीलम कृष्णा, दीपिका आरती पूजा सहित महाविदालय के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

Tirth Chetna

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