संस्कृत विभागः बोलचाल की भाषा और रोजगार पर फोकस

संस्कृत विभागः बोलचाल की भाषा और रोजगार पर फोकस

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का ऋषिकेश परिसर आकार ले रहा है। विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए टीम यूनिवर्सिटी पूरी तरह से तैयार है। विभिन्न विभागों में नियुक्त प्राध्यापकों में कुछ खास करने का जज्बा साफ दिखता है।
हिन्दी न्यूज पोर्टलwww. tirthchetna.com विश्वविद्यालय की बेहतरी को टीम यूनिवर्सिटी के प्रयासों में साथ है। पोर्टल विभिन्न विभागों की तैयारी, चुनौती और लक्ष्य को लेकर प्राध्यापकों से बातचीत का अभियान चला रहा है।

ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का संस्कृत विभाग संस्कृत को बोलचाल की भाषा और विषय को रोजगार से जोड़ने पर फोकस कर रहा है। इसके लिए विभाग के स्तर से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

स्कूल/कॉलेज/यूनिवर्सिटी के कला संकाय के विषयों में संस्कृत टॉप पर रहता है। बुधवार को हिन्दी न्यूज पोर्टल  www.tirthchetna.com ने श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की तैयारियों के बारे में जाना। विश्वविद्यालय का संस्कृत विभाग एकल प्रध्यापक वाला विभाग है।

विभागाध्यक्ष डा. पूनम पाठक ने बातचीत में विश्वविद्यालय की बेहतरी में संस्कृत विभाग के योगदान से लेकर इसके लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। बताया कि अभी विभाग में स्नातक स्तर तक की पढ़ाई होती है। इसे पीजी करने के लिए प्रस्ताव तैयार है।

संस्कृत में दो र्सिर्टफिकेट/डिप्लोमा कोर्स को डिजाइन किया गया। इसमें एक संस्कृत संभाषण और दूसरा कर्मकांड है। प्रयास है कि दोनों कोर्से को जल्द शुरू किया जाए।

बातचीत विभागाध्यक्ष डा. पाठक ने बताया कि संस्कृत को बोलचाल की भाषा बनाने पर फोकस है। संस्कृत संभाषण का सर्टिफिकेट कोर्स इसी के मददेनजर डिजाइन किया गया है। इसके अलावा संस्कृत को रोजगार के विषय के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं।

Tirth Chetna

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