देवस्थानम एक्ट वापस लेने से दूर हुई तीर्थ पुरोहितों की नाराजगी

देवस्थानम एक्ट वापस लेने से दूर हुई तीर्थ पुरोहितों की नाराजगी
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ऋषिकेश। चारधाम देवस्थानम एक्ट को वापस लेकर राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारियों की नाराजगी दूर की है।

ये कहना है भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं चारधाम देवस्थानम एक्ट पर गठित हाई पावर कमेटी के सदस्य रहे संजय शास्त्री का। हिन्दी न्यूज पोर्टल www.tirthchetna.com से बातचीत में उन्होंने देवस्थानम एक्ट, इसको लेकर तीर्थ पुरोहितों की नाराजगी समेत तमाम मुददों पर विस्तार से बातचीत की। बतचीत के अंश तीर्थ चेतना ने यूटयूब चैनल पर भी देख सकते हैं। ।

सवाल- आपने चारधाम देवस्थानम एक्ट को इतिहास बना दिया।

जवाब- हंसते हुए, सरकार ने तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारियों की बात का मान रखा। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार।

सवाल- अब तो तीर्थ पुरोहितों की भाजपा से नाराजगी दूर हो गई होगी ?

जवाब- जी हां, सत प्रतिशत नाराजगी दूर हो गई। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने माहौल बनाया और मौजूदा मुख्यमंत्री ने एक्ट को वापस लेने का मार्ग प्रशस्त किया। तीर्थ पुरोहित खुश हैं और भाजपा सरकार का आभार प्रकट कर रहे हैं।

सवाल- सरकार एक्ट की अच्छाई को प्रोजेक्ट करने में असफल रही।

जवाब- जरूर कुछ चूक हुई और एक्ट के खिलाफ प्रसप्शन डेवेलप हो गया कि ये मठ-मंदिरों और तीर्थ पुरोहितों के खिलाफ है। विपक्षी दलों ने इस पर जमकर राजनीति की। परिणाम एक तरह से इसको लेकर नकारात्मक माहौल बन गया था।

सवाल- भाजपा को मात्र चार जिलों के मंदिरों के लिए एक्ट बनाने की क्या सूझी। अब ये सवाल भी खूब उठ रहा है।
जवाब- ये संयोग है कि चार धाम तीन जिलों में हैं। टिहरी जिले के कुछ मंदिरों को इसमें शामिल किया गया। इसमें कई मंदिर बीकेटीसी मंदिर समूह के हिस्सा थे।

सवाल- पूर्व सीएम जिनके कार्यकाल में एक्ट बना था उन्हें वापस लेने पर अफसोस है।

जवाब-एक्ट अब इतिहास है। कौन क्या कहता है और क्या नहीं। सच ये है एक्ट वापस ले लिया गया है।

सवाल-भाजपा सरकार ने देवस्थानम एक्ट बनाकर दो दर्जन सीटों में जोखिम बढ़ा दिया है।
जवाब- अब एक्ट है ही नही तो जोखिम कैसा। भाजपा हर क्षेत्र में मजबूत है और 2022 के चुनाव परिणाम 2017 वाले ही रहने वाले हैं।

सवाल- भाजपा उत्तराखंड में केंद्र के कार्यों को गिनवा रही है। आखिर राज्य सरकार ने क्या काम किया।

जवाब- लोगों ने डबल इंजन की सरकार बनाई थी। तो काम भी तो डबल गिनाए जाएंगे। केंद्र ने राज्य की आधारभूत संरचना के विकास में अच्छी मदद की। सड़कों के काम को कौन नकार सकता है। ऋषिकेश-कर्णयप्रयाग रेल प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। और भी तमाम काम हैं। राज्य सरकार के स्तर से जनहित के तमाम कार्य हुए हैं और हो रहे हैं।

सवाल- पांच साल में पार्टी कार्यकर्ता इम्पावर नहीं हो सका।

जवाब- भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। हां, उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। ऐसा होता है तो पार्टी के मंच पर बात रखी जाती है और समाधान भी होता है।

सवाल- दो दर्जन सिटिंग विधायकों के टिकट काटे जा रहे हैं।

जवाब- इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए। बेहतरी के लिए पार्टी ऐसे निर्णय लेती रही है। गुजरात में सीएम समेत पूरी कैबिनेट बदल दी।

Tirth Chetna

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