दून विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन की सांस्कृतिक संध्या ने सबका मन मोहा

दून विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन की सांस्कृतिक संध्या ने सबका मन मोहा
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तीर्थ चेतना न्यूज

देहरादून। दून विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी द्वारा आयोजित उत्तराखंड का औद्योगिक रोड मैप विजन 2025 विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन के के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या ने सबका मन मोह लिया।

सांस्कृतिक संध्या का उदघाटन श्रीमती गीता धामी बतौर मुख्य अतिथि किया। विश्वविद्यालय के रंगमंच द्वारा नंदा की कथा का आयोजन डॉ0 नित्यानंद सभागार में किया गया। रंगमंच विभाग के प्राध्यापक डा. राकेश भट्ट के निर्देशन में डाक्टर नंदकिशोर हटवाल के कथानक को लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने इतनी मनमोहक प्रस्तुति दी कि दर्शकों की आँखें छलक उठीं ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी छात्र-छात्राओं की इस अद्भुत प्रस्तुति को देखकर वे बहुत भावुक हुईं ! प्रस्तुति से प्रभावित होकर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में स्त्री चरित्र को इतने मार्मिक ढंग से उकेरने वाली परस्तुति नहीं देखी।

नंदा को पहाड़ की माँ, बहिन, बेटी-बहू का पर्याय मानते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ की बेटियों के दुःख व कष्ट कालान्तर से यूं ही बने हुए हैं। पूरे उत्तराखंड समाज और संस्कृत्ति के संरक्षण में रीढ़ की तरह सहारा देने वालीं यहाँ की महिलायें प्रायरू कष्ट का ही जीवन भोगती रहती हैं।

माता सीता का उदाहरहण देते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि राज घराने की बहू होने के बाद भी कष्ट से भरा रहा। इसलिए नारी कल्याण एवं सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है और हमारी राज्य सरकार तथा भारत सरकार नारी सशक्तिकरण एवं महिला कल्याण की दिशा में कई उल्लेखनीय कार्य कर रही है।

उन्होंने कलाकारों की भूरि भूरी प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि दूंन विश्वविद्यालय अपने अकादमिक मानकों समेत यहाँ की लोक संस्कृति के लिए भी उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। सरकार भी इस और बड़ी दृढ़ता से काम कर रही है और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाये जा रहे हैं। प्रयास है कि उत्तराखंड की नारी भारत की सबसे सशक्त नारी बने इसी लक्ष्य पर राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विशाविध्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर सुरेखा डंगवाल ने कहा कि श्रीमती धामी जी की उपस्थिति से हमारे छात्र-छात्राओं में विशेष ऊर्जा का संचार हुआ है । उत्तराखंड के लिए ये समय नारियों के कोशल व् उनके सशक्तिकरण का समय है ।दून विश्वविद्यालय की हमारी छात्राओं का प्रतिभाग हर स्तर पर अव्वल रहा है , चाहे वो अकादमिक क्षेत्र हो ,खेल का क्षेत्र हो या फिर संस्कृतिका क्षेत्र हो छात्राएं बहुत कुशलता से अपना कार्य कर रहीं हैं ।

कार्यक्राम का संचालन करते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफ़ेसर एच सी पुरोहित ने इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की उपादेयता का उल्लेख किया साथ ही कहा कि विश्विद्यालय नित नए नए मानकों को छू रहा है ।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मंगल सिंह मंदिर वालों प्रोफ़ेसर कुसुम अरुणाचलम, प्रो आर पी ममगाई, डॉ रीना सिंह, चेतना पोखरियाल, डॉ एसएस सुथार, डॉ राजेश भट्ट, डॉ सुधांशु जोशी, डॉ अरुण कुमार डॉ अर्चना शर्मा, डॉ सुनीत नैथानी, डॉ विजय श्रीधर सहित विश्वविद्यालय के कर्मचारी, शिक्षक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

संगोष्ठी के दूसरे दिन पहला सत्र मानव संसाधन विकास पर केंद्रित रहा जिसमें श्री अनूप कुमार,राजेंद्र सिंह रीना सिंह डॉ अविनाश चंद्र जोशी एवं प्रोफेसर एच सी पुरोहित ने अपने विचार रखे ।

दूसरे सत्र में पर्यावरण एवं जीवन शैली विषय पर डॉ एकलव्य शर्मा आईसीआईएमओडी, प्रोफेसर ए पी डिमरी निदेशक आई आईजी मुंबई, कालाचंद सेन निवेशक वाडिया इंस्टीट्यूट, श्री आनंद शर्मा पूर्व निदेशक आईएमडी तथा प्रो कुसुम अरुणाचलम ने अपने विचार रखते हुए पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र एवं अर्थव्यवस्था के विकास मानदंडों पर विस्तार से चर्चा।
तीसरे सत्र में टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी विषय पर प्रोफेसर एस सी बागड़ी, डॉक्टर सारा हुसैन, प्रोफेसर एसके गुप्ता व श्री अनूप नौटियाल ने राज्य के पर्यटन पर विस्तार से चर्चा की। समापन सत्र के मुख्य अतिथि यूकोस्ट के महानिदेशक प्रोसेस दुर्गेश पंत ने कहा
समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो सुरेखा ने कहा कि विवि के पब्लिक पॉलिसी केंद्र द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी के निष्कर्षों को प्रकाशित किया जायेगा और सरकार के साथ साझा किया जायेगा। संगोष्ठी के आयोजक प्रो अविनाश चंद्र जोशी ने अतिथियों एवं सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रो एच सी पुरोहित ने किया। समापन सत्र में प्रो एस एस बागड़ी, प्रो आर पी ममगाई, डॉ एस एस सुथार, डॉ रीना सिंह, डॉ सुधांशु जोशी, डॉ नरेंद्र रावल, उप कुलसचिव नरेंद्र लाल, डॉ स्मिता, डॉ राकेश, डॉ हिमानी शर्मा सहित विधार्थी एवं प्रतिभागी उपस्थित थे

Tirth Chetna

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