गंगा की तरह योग धारा प्रवाहित करने पर जोर

गंगा की तरह योग धारा प्रवाहित करने पर जोर

yogaaa29 वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन दुनियां जहां से जुटे योग साधकों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया और इससे होने वाले लाभ के बारे में जाना।

पर्यटन विकास बोर्ड, गढ़वाल मण्डल विकास निगम, परमार्थ निकेतन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 29 वें अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन की की शुरूआत तड़के चार बजे हुई।

महोत्सव मे ं 70 से अधिक पूज्य संतों योगाचार्यो एवं योग विशेषज्ञों द्वारा योग की 150 विभिन्न आयामों का अभ्यास कराया जा रहा है। दिन की शुरूआत कैलिफोर्निया, अमेरिका से आये गुरूशब्द सिंह खालसा क द्वारा कुण्डलिनी योग के अभ्यास के साथ हुयी।

इस मौके पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कहा कि गंगा की तरह ही योग की अनवरत धारा प्रवाहित करना योग महोत्सव का उद्देश्य है। जो सफलता की ओर बढ़ रहा है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशिका साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि ’दुनिया के सभी जल स्रोत माँ गंगा से जुड़े हुये है। सभी नदियां समुद्र में मिलती है जो हमें एक दूसरे से जोड़ता है। जल ही जीवन है जिस प्रकार योग हमें आपस में जोड़ता है।

इस मौके पर डा. इंदु शर्मा ने हठ योग और सूर्यनमस्कार, बीए परमद्धैती इनबाउंड योग, संदीप देसाई टाई ची के बारे में योग साधकों को जानकारी दी।

गंगा रिसोर्ट में योग साधकों ने योग इसकी क्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। महर्षि वशिष्ठ सभागार में सीएम भंडारी ने योग की आधारिक जानकारी साधकों दी। उन्होंने कहा कि योग से तन-मन को शुद्ध करता है। भारत में ये नित्य क्रियाओं का हिस्सा रहा है।

गंगा रिसोर्ट में योगाचार्य सूर्येंदु पुरी के सूर्य क्रिया में लोगों खूब रूचि दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से सूर्य की असीम ऊर्जा का उपयोग जीवन को स्वस्थ बनाने में किया जा सकता है।

यहां व्यवस्था बनाने में जीएमवीएम के एमडी अतुल कुमार गुप्ता, जीएम बीएल राणा, प्रबंधक डीएस नेगी, विश्वनाथ बैंजवाल समेत तमाम अधिकारी लगे हुए हैं।

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