गवर्नमेंट पीजी कॉलेज मालदेवता रायपुर में जी 20 के परिपेक्ष्य में संगोष्ठी

गवर्नमेंट पीजी कॉलेज मालदेवता रायपुर में जी 20 के परिपेक्ष्य में संगोष्ठी
Spread the love

तीर्थ चेतना न्यूज

देहरादून। गवर्नमेंट पीजी कॉलेज,मालदेवता रायपुर ,देहरादून में इतिहास एवं बी.एस सी गृह विज्ञान के संयुक्त तत्वाधान में जी 20 के परिपेक्ष्य में ”भारत में स्वास्थ्य सुविधाएँ चुनौती एवं अवसर विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी का शुभारंभ कॉलेज की पिं्रसिपल प्रो. वंदना शर्मा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के स्तर से चलाई जा रही स्वास्थ्य योजनाओं से आम लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अनिता चौहान ने किया तथा छात्र -छात्राओं को जी 20 के विषय में जानकारी प्रदान की । कॉलेज की प्रो .डॉक्टर दक्षा जोशी ने भारत में स्वास्थ्य चुनौतियों पर एक सारगर्भित व्याख्यान छात्रों के मध्य दिया ।

डॉ डिंपल भट्ट ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि आज भी ग्रामीण परिवेश में महिला स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति कई पायदान पर अनदेखी की जाती है ,जो एक चिंता का विषय है ।

विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित डॉक्टर ऋतु द्वारा छात्र छात्राओं को नेशनल हेल्थ मिशन की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा बहुत सारी स्वास्थ्य के योजनाएं चलायी जा रही है ,लेकिन जानकारी के अभाव में उसका लाभ सब उठा नहीं पाते हैं ।जिनमें जननी सुरक्षा योजना के तहत 102 खुशियों की सवारी तथा जननी को मिलने वाली सुविधाओं के विषय में भी बताया गया ।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने अपने स्वास्थ्य लक्ष्यों में सफलता प्राप्त कर भारत को पोलियो मुक्त बनाने में अपना पूर्ण योगदान दिया है ।सरकार द्वारा चलायी जा रही स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर कार्यरत करने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता,आशा कार्यकर्ता तथा एन एन एम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। भारत आज क्षय रोग की पूर्णता समाप्ति के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है ।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पहला राज्य है जहाँ आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति नामित है तथा उसका लाभ उठा रहा है ।सरकार द्वारा चलायी जा रही इन योजनाओं में जागरूकता के अभाव के कारण कई चुनौतियां सामने हैं ,जिससे आज भी विश्व स्वास्थ्य पायदान पर भारत विकासशील देशों की श्रेणी में आता है ।

इस संगोष्ठी के माध्यम से महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को स्वास्थ्य समस्याओं की गंभीरता से अवगत कराया गया तथा उन्हें समाज की अवधारणा में परिवर्तन में अपना योगदान देने के लिए मार्गदर्शित किया ।

 छात्र छात्राओं द्वारा “कोविड-19 वैश्विक महामारी में शिक्षा का डिजिटल फ़ार्मेशन“ विषय पर निबंध एवं “कोविड-19 वैश्विक महामारी की रोकथाम पर एक प्रयास “विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई ,जिसमें छात्र -छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया । उक्त अवसर पर डॉ यतीश विशिष्ट , प्रोफ़ेसर पूजा ,डॉ अखिलेश कुकरेती, डॉ धर्मेन्द्र राठौर ,डॉक्टर शैलेन्द्र सिंह ,डॉ आशुतोष मिश्र , डॉ दयाधर दीक्षित ,डॉ सुमन गुसाई ,डॉ शशि बाला उनियाल डॉ सुरेश ,मनीषा सांगवान रश्मि उनियाल उपस्थित रहे ।

Tirth Chetna

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *