न चैन से सोऊँगा और न अधिकारियों को चैन से सोने दूंगाः मुख्यमंत्री

न चैन से सोऊँगा और न अधिकारियों को चैन से सोने दूंगाः मुख्यमंत्री
Spread the love

देहरादून। राज्य की बेहतरी और आम लोगों के हित के लिए न चैन से सोऊँगा और न अधिकारियों को चैन से सोने दूंगा। काम की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

ये कहना है प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का। धामी सोमवार को सचिवालय वन, लोक निर्माण विभाग और संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। वन विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि गुलदार एवं अन्य वन्य जीवों के आक्रमण से मानव सुरक्षा के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक टास्क फोर्स बनाया जाय। यदि किसी क्षेत्र में किसी बच्चे पर गुलदार आक्रमण करता है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के वनाधिकारी एवं डीएफओ की जिम्मेदारी तय की जाय।

गुलदार के मानव आक्रमण से संबंधि चिन्हित स्थानों के लिए एक्शन प्लान बनाया जाय। वन क्षेत्र में अवैध खनन एवं अवैध पातन पर सख्त कारवाई की जाय। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाय। वनों के संरक्षण एवं वनाग्नि को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा जन जागरूकता के साथ जन सहभागिता पर भी विशेष ध्यान दिया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों के संरक्षण, मानव एवं वन्यजीवों के संघर्ष को कम करने, भूस्खलन को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा इनोवेटिव प्रयास किये जाय। इनोवेटिव कार्यों के लिए वन विभाग के अधिकारियों को लक्ष्य दिया जाय। जंगली जानवरों से किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो भी कार्य किये जा रहे हैं, वह धरातल पर दिखें।

बैठक में केबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, महाप्रबंधक वन निगम डी.जे.के शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक सुश्री ज्योत्सना शिथलिंग एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि प्रदेश में सड़क एवं पुलों के निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। कार्यों का निर्धारित समयवधि में पूरा करने के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यों की गुणवत्ता में कोई शिकायत आई तो, संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कारवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में अधिकारियों को कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार में सुधार लाना होगा। इसके लिए पूरा सिस्टम मजबूत किया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास को गति देने के लिए वे न तो स्वयं चैन की नींद सोयेंगे और न अधिकारियों को सोने देंगे। कहा कि लोक निर्माण विभाग के जो कार्य अवशेष हैं, उन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत की जाय।

विभाग टारगेट का ग्राफ बनाकर लक्ष्य पूरा करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों पर लैण्ड स्लाईड जोन के लिए 07 दिन में एक्शन प्लान बनाकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया जाय। लैण्ड स्लाईड जोन में पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था के साथ ही रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाय। संवेदनशील लैण्ड स्लाईड जोन पर लोंगटर्म ट्रीटमेंट कर स्थाई समाधान निकाला जाय।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधूरी तैयारी के साथ आने पर मुख्यमंत्री ने नारजगी व्यक्त की उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बैठक बीच में ही स्थगित कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि एक सप्ताह बाद पूरी तैयारी के साथ आयें, और पिछले पांच सालों में जो कार्य हुए हैं और जो कार्य प्रगति पर है, उनकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाय।

बैठक में जानकारी दी गई कि चारधाम परियोजना के तहत 889 किमी लम्बाई के 53 कार्यों में से 691 किमी के 41 कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। भारतमाला परियोजना के तहत सीमान्त क्षेत्रों के सामरिक दृष्टि से यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किये जाने के लिए 628 किमी के 05 सड़क मार्गों का चयन किया गया है।

बैठक में केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिवएस. ए. मुरूगेशन एवं संबधित अधिकारी उपस्थित थे।

Tirth Chetna

Leave a Reply

Your email address will not be published.