शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाएगा जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ: विनोद थापा

शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाएगा जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ: विनोद थापा

तीर्थ चेतना न्यूज

देहरादून। शिक्षकों की मांगों पर सरकार/ विभाग के स्तर पर विचार न किए जाने से नाराज प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने यहां जारी बयान में कहा कि लम्बे समय से प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ सरकार व शासन से अपनी 13 सूत्रीय मांगो के निराकरण हेतु मांग करता रहा है लेकिन अभी तक कोई प्रकरण पर गंभीरतापुर्वक विचार नहीं हुआ और न ही सकारात्मक पहल हुई है।

कई प्रस्ताव शासन मे लंबित है टी ई टी जैसे गंभीर मुद्दे पर शिक्षकों की रोजी रोटी के संकट का हल भी अभी तक नहीं निकाला है जबकि उत्तर प्रदेश मध्य्प्रदेश,आंध्रप्रदेश पंजाब हरियाणा, हिमांचल आदि अनेक राज्यों ने इसमें पहल कर शिक्षकों के लिए विशेष पात्रता परीक्षा आयोजित कर नौकरी बचाने का काम कर रही है।

कहा कि उत्तराखंड सरकार आश्वासन के बाद भी निर्णय लेने मे हिलाहवाली कर रही है जिससे 31 अगस्त 2028 के बाद शिक्षकों के सामने नौकरी बचाने का संकट पैदा हो गया है।
थापा ने कहा प्रत्येक जूनियर हाई स्कूलों मे अंग्रेजी विषय अनिवार्य करने एवं शिक्षकों की पुरे सेवाकाल मे अनिवार्य तीन पदोन्नति का प्रस्ताव पिछले कई महीनो से शासन मे लंबित है जो शिक्षकों मे पदोन्नति के अवसर प्रदान करने का अच्छा प्रस्ताव है।

प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने अवगत कराया है आज उत्तराखंड मे 30 -32 साल एक पद पर सेवा कर शिक्षक सेवानिवृत हो रहा है मात्र बेसिक शिक्षकों की एक पदोन्नति हो रही है ऐसे ही 17140 वेतनमान को 1 जनवरी 2006 से लागू होने और शासनादेशो के तहत विभागीय अधिकारियो एवं वित्त अधिकारियो की स्वीकृति के बाद शिक्षकों को भुगतान करने केबाद सेवानिवृती पर शिक्षकों से लाखो रूपये की रिकवरी शासन व विभाग द्वारा की जा रही है जो शिक्षकों के साथ नाइंसाफी है।

प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक ऐसे ही 13 सूत्रीय मांगो एवं टी ई टी पात्रता परीक्षा पर निर्णायक कदम उठाने की मांग पर अभी तक पहल न होने पर पांच सितम्बर 2026 को शिक्षक दिवस को विरोध स्वरूप काला दिवस के रूप मे मनाएंगे।

उत्तराखंड राज्य के सभी शिक्षक सरकार व शासन को आंदोलन की चेतावनी के साथ अपनी बाये हाथ मे काली पट्टी बांधकर अपने अपने विद्यालयों मे अध्यापन कार्य करेंगे यदि सरकार शासन व विभाग द्वारा संगठन की कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की तो जल्द मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम घोषित होगा आवश्यकता पड़ी तो आनेवाली विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा घेराव का कार्यक्रम घोषित होगा।

Tirth Chetna

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