चकराता। विश्व रेड क्रॉस दिवस गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चकराता में “यूनाइटेड इन हमेनिटी” विषय पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने मानवता के महत्व पर प्रकाश डाला और इसकी एडवोकेसी की। ता की।
शुक्रवार को विश्व रेड क्रॉस दिवस पर आयोजित गोष्ठी पवन दास ने “यूनाइटेड इन हमेनिटी” विषय पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। कहा कि मानवता ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह जरूरतमंद एवं पीड़ित लोगों की सहायता के लिए सदैव आगे आए।
उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी विश्वभर में मानव सेवा, आपदा राहत तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। डॉ. पवन दास ने विद्यार्थियों को सेवा, सहयोग एवं दया की भावना को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. शैलजा रावत ने “प्राथमिक उपचार” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि किसी दुर्घटना अथवा आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार किस प्रकार किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामान्य चोट, जलने, बेहोशी तथा अन्य आपात परिस्थितियों में तुरंत सहायता देने के आवश्यक उपायों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने उनके व्याख्यान को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
संगोष्ठी में बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा आस्था ने भी रेड क्रॉस सोसाइटी के इतिहास, उद्देश्यों एवं कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेड क्रॉस संस्था मानवता और सेवा की भावना के साथ विश्वभर में कार्य करती है तथा आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहती है। आस्था ने विद्यार्थियों को रेड क्रॉस की गतिविधियों से जुड़कर समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. यशवीर सिंह ने किया। कार्यक्रम में ें छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने इस संगोष्ठी को प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में सभी उपस्थितजनों ने मानवता एवं सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. मंजू अग्रवाल, डॉ. सुमेर चंद, डॉ. सुदीप्ता कंडारी, डॉ. शिवांगी उपाध्याय, डॉ. अनुज कुमार डॉ. अभय शिखर पंवार एवं डॉ. प्रवेश कुमार त्रिपाठी मुख्य रूप से शामिल रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सेवा एवं सहयोग की भावना को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया।