देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन हो गया। खंडूड़ी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से राज्य भर में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
भाजपा के 2007-12 के कार्यकाल में दो बार मुख्यमंत्री रहे भुवन चंद्र खंडूड़ी को 92 साल की उम्र में देहरादून में निधन हो गया। वो अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया।
राजनीति में ईमानदार छवि के स्व. खंडूड़ी ने केंद्र में सड़क परिवन मंत्री रहते हुए अच्छा काम किया। उनके कार्यों को तब के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी खूब सराहा। गढ़वाल लोकसभा सीट से चार बार सांसद रहे खंडूड़ी ने 2014 में आखिरी चुनाव लड़ा था।
उनकी बेटी ऋतु खंडूड़ी उत्तराखंड विधानसभा की स्पीकर हैं। उनके बेटे मनीष खंडूड़ी भी लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
खंडूड़ी के निधन से हुई अपूरणीय क्षतिःधामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन एवं समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने प्रदेशहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी जी की सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।