ऋषिकेश। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज पावकी देवी में देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत छात्र/छात्राओं के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्टॉर्टअप और स्वरोजगार के लिए युवाओं को प्रेरित करने के साथ ही उन्हें गाइड भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्रभारी प्रिंसिपल प्रो. संगीता बहुगुणा एवं दिग्विजय सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस मौक पर प्रो. बहुगुणा ने कहा कि उद्यमिता आज के समय में आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार एवं रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
नोडल अधिकारी डा. तनु रस्तोगी बाली ने देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से छात्र-छात्राएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं तथा अपने विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित कर सकते हैं। साथ ही योजना के अंतर्गत मिलने वाले प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं आर्थिक सहयोग के बारे में भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।
इस अवसर पर भारतीय उद्यमिता संस्थान अहमदाबाद से देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत टिहरी गढ़वाल जिले के प्रोजेक्ट ऑफिसर दिग्विजय सिंह ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के सम्बन्ध मे जानकारी दी।
उन्होंने उद्यमिता को पहचानने, समस्या को समझने तथा नवाचार के सम्बन्ध मे जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केवल व्यवसाय स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, जोखिम उठाने की क्षमता एवं समस्याओं को अवसर में बदलने की सोच का नाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन, दृढ़ संकल्प एवं निरंतर प्रयास से कोई भी युवा सफल उद्यमी बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उद्यमिता के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई तथा प्रेरणादायक उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को समझाया गया कि उद्यमिता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्याओं को अवसर में बदलने की सोच है।
इंटरैक्टिव सत्र में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए। कार्यक्रम के अंत में बूटकैंप चयन हेतु इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एक संक्षिप्त परीक्षा आयोजित की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय की देवभूमि उद्यमिता योजना समिति के सदस्य डा० रेखा सिंह एवं डा० संजय कुमार ने सहयोग किया।
इसके साथ ही समस्त प्राध्यापाक डा0 नीलू कुमारी, डा0 ओमवीर, डा0 गुंजम जैन, शिक्षणेत्तर कर्मचारी श्रीमती पूनम, श्री राजेन्द्र सिंह, विकास एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक सफल एवं प्रभावी बनाया।