इन बेटियों का जवाब नहीं

इन बेटियों का जवाब नहीं

aasऋषिकेश। वास्तव में बेटियों का जवाब नहीं। तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी बेटियां बेटों पर भारी पड़ रही है।

इस बात से रूबरू कराया एक्शन फॉर एडवांसमेंट ऑफ सोसाइटी, आस ने। बालिका दिवस पर रेलवे रोड स्थित श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति परिसर में आयोजित आस के कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली बेटियों को सम्मानित किया गया।

इसमें अंतर्राष्ट्रीय फुटबालर सोनम नेगी, पुलिस उपनिरीक्षक भावना कांडवाल, गवर्नमेंट हॉस्पिटल की क्वालिटी मैनेजर पायल महापात्रा शामिल थी। सोनम नेगी ने रूद्रप्रयाग के भीरी गांव से भारतीय महिला फुटबाल टीम का प्रतिनिधित्व करने के अनुभव साझा किए।

पुलिस अधिकारी भावना कांडवाल ने बताया कि किस प्रकार गांव से सफर शुरू किया। कैसी दिक्कतों से रूबरू हुई। समाज का क्या रवैया रहा। बीटेक से लेकर पीसीएस की परीक्षा तक क्या-क्या संघर्ष रहे।

आस की सचिव हेमलता दीदी ने बेटियों के दर्द को जोरदार तरीके से उकेरा। कहा कि नवरात्रों में बेटियों को पूजने वाला समाज कई बार बेटियों के साथ अन्याय करता है। उनकी देखभाल बेटों जैसी नहीं होती। आस बेटियों की इसी पीड़ा के निदान के लिए है।

टीएचडीसी सेवा के अधिकारी सुनील शाह ने आस के कार्यों की सराहना की और सहयोग का भरोसा दिया। इस मौके पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में सरिता ने प्रथम, प्रियंका ने द्वितीय, सुनिधि और आंचल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पारूक को इस श्रेणी में विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस मौके पर एसीएमटी की छात्रा ज्योति कठैत समेत तमाम छात्राओं ने बेटियों की स्थिति पर विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन भगवती प्रसाद भट्ट ने किया। इस मौके पर आस की अध्यक्ष ईरा कुकरेती, चक दे इंडिया की चित्रांशी रावत के पिता तीरथ सिंह रावत और मां यशोदा रावत, एडवोकेट ज्योति उनियाल आदि मौजूद थे।

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  1. Nice

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