वेलडन देवप्रयाग! आपने कुंभ स्नान करके दिखाया

वेलडन देवप्रयाग! आपने कुंभ स्नान करके दिखाया

- in धर्म-तीर्थ
0

देवप्रयाग। तमाम संस्थागत बाधाओं के बाद भी देवप्रयाग के लोगों ने मकर संक्रांति पर कुंभ का पहला स्नान का आयोजन करके दिखाया। कुंभ की पौराणिकता और महात्म को अच्छे से समझने और जीने वाले देश भर के संत इस मौके पर सतयुग के तीर्थ में जुटे।

उत्तराखंड राज्य की व्यवस्था तीर्थाटन के विकास में देवप्रयाग के महत्व और योगदान को भुलाने का प्रयास करती रही है। पिछले चार सालों में कई मौकों पर देवप्रयाग के तीर्थ पुरोहितों ने व्यवस्थागत तिरस्कार भी झेला। देवस्थानम बोर्ड पर उनकी बातों को हर स्तर पर अनसुना किया गया। बावजूद इसके देवप्रयाग के तीर्थ पुरोहित कभी अपना फर्ज नहीं भूले।

हद तब हो गई जब कुंभ मेला प्रशासन ने देवप्रयाग में मकर संक्रांति पर प्रस्तावित कुंभ स्नान को निरस्त कर दिया। इसके बाद साधु संतो ंके सहयोग से देवप्रयाग के लोग कुंभ के स्नान को कराने पर अड़ गए। बगैर किसी हो हल्ला और एक राजनीतिक दल के छुटभैया नेताओं टिप्पणियों को अनसुना कर लोगों ने कुंभ की तैयारियां की।

गुरूवार को तीर्थ पुरोहितों ने अलकनंदा-भागीरथी के संगम यानि गंगाद्वार पर कुंभ स्नान सकुशल संपन्न कराया। इसमें देश भर से जुटे संत महात्माओं ने शिरकत की। यही नहीं कहा भी स्नान का महात्म तो गंगाद्वार में ही अधिक है। शास्त्र भी इस बात की पुष्टि करते हैं।

इस आयोजन की खास बात ये भी रही कि इस बहाने देवप्रयाग के लोगों ने समाजोत्थान में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अपने पुरखों का भी स्मरण किया। कुंभ स्नान का अविस्मरणीय बनाने को लोगों में उत्साह का संचार करने वालों की तारीफ होनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

नौ गवर्नमेंट डिग्री कॉलेजों को मिले प्रिंसिपल

देहरादून। शासन ने आठ डिग्री कॉलेजों में प्रिंसिपल