गंगा के तट पर भाजपा की राजनीति का कल कल निनाद
तीर्थ चेतना न्यूज
हरिद्वार। गंगा के तट पर स्थिति धर्मनगरी हरिद्वार में भाजपा के चाणक्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पार्टी की राज्य में राजनीति की टोह लेने आ रहे हैं। इससे गंगा के तट पर भाजपा की राजनीति का कल कल निनाद महसूस भी होने लगा है। कल कल निनाद की फ्रीक्वेंसी को राजनीति के जानकार अपने-अपने हिसाब से देख रहे हैं।
उत्तराखंड का बजट सत्र नौ मार्च को गैरसैंण में शुरू होगा। इससे दो दिन पहले यानि सात मार्च को उत्तराखंड भाजपा का हरिद्वार में राजनीतिक बजट यानि राजनीतिक नफा/नुकसान, 2027 के लिए सुधार, रोडमैप खींचा जाएगा। मिल रही जानकारी के मुताबिक बैठक पार्टी के प्रदेश संगठन के काम को ढंग से परखा जाएगा और सरकार के काम की समीक्षा होगी। जहां जरूरत होगी मौके पर ही कसबल ढीले और टाइट भी किए जा सकते हैं। पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सब होना है। यही नहीं कुछ ही घंटों में वो राज्य की राजनीतिक की टोह भी लेंगे।
सात मार्च को हरिद्वार में तय हो जाएगा कि पार्टी उत्तराखंड में मार्च 2026 के बाद किस स्ट्रेटजी के साथ आगे बढ़ेगी। यहां से पार्टी के नेताओं और देवतुल्य कार्यकर्ताओं के लिए संदेश चला जाएगा। साथ ही तमाम राजनीतिक चर्चाओं पर विराम भी लग जाएगा। चर्चा ये भी है कि इशारे हो जाएंगे कि क्या राज्य में विधानसभा चुनाव समय से पहले हो सकते हैं।
इसके ठीक 48 घंटे बाद गैरसैंण में राज्य सरकार 2026-27 के लिए बजट पेश करेगी। इस बजट में भाजपा सरकार राज्य की बेहतरी के लिए आर्थिक व्यवस्थाओं के साथ विकास का भरोसा देगी। फिलहाल उत्तराखंड भाजपा की राजनीति में इन दिनों बजट सत्र से अधिक चर्चा सात मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हरिद्वार दौरे को लेकर है।
क्या पक्ष और क्या विपक्ष हर किसी की नजर हरिद्वार पर है। भाजपा की आंतरिक राजनीति में दिग्गज नेताओं से लेकर देवतुल्य कार्यकर्ताओं के बीच एक ही सवाल सात मार्च को क्या होने वाला है? । कार्यकर्ता पिछले अनुभवों को कोरिलेट कर रहे हैं।
