वनों पर परंपरागत अधिकारों के मुददे पर विधानसभा में हो चर्चा

वनों पर परंपरागत अधिकारों के मुददे पर विधानसभा में हो चर्चा

- in ऋषिकेश
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ऋषिकेश। वनों पर राज्य के पर्वतीय क्षेत्र के लोगों के परंपरागत हकों को कानूनी जामा पहनाने के लिए इस पर विधानसभा में चर्चा हो। ताकि इसे मजबूती के साथ केंद्र सरकार के सम्मुख प्रस्तुत किया जा सकें।

उल्लेखनीय है कि तिलाड़ी शहीदों के शहादत दिवस 30 मई को देहरादून ें 75 से अधिक संस्थाओं ने वनाधिकारों पर परिचर्चा के बाद मांग पत्र तैयार किया था। इस मांग पर पत्र पर अब एक राय बनाने को उक्त संस्थाएं सामाजिक, राजनीतिक, बुद्विजीवियों के बीच एक राय बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसी क्रम में सोमवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को उक्त मुददे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के अनुरोध के साथ ज्ञापन सौंपा गया। स्पीकर अग्रवाल ने भरोसा दिया कि मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इस दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी।

मांग पत्र में राज्य के पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को वनवासी के हक हकूक दिए जाएं, जैव विविधता अधिनियम 2002 और वनाधिकारी अधिनियम 2006 के प्रावधानां को लागू किया जाए, जड़ी बूटियों के दोहन का अधिकार, प्राकृतिक संसाधनों पर हक, वन प्रबंधन में स्थानीय लोगों को नेतृत्वकारी भूमिका सुनिश्चित हो आदि मांग शामिल हैं।

इस मौके पर किशोर उपाध्याय के अलावा जोत सिंह बिष्ट, प्रेम बहुखंडी, मथुरादत्त जोशी, सत्यनारायण सचान, शीशराम कंसवाल, बचीराम कंसवाल, जयेंद्र रमोला, सूरज राणा, सुरेंद्र रांगड़, शांति रावत, परिणीता बडोनी, अमरजीत सिंह, सनत शास्त्री, सुनीता उपाध्याय आदि मौजूद थे।

 

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