श्रीनगर। पौड़ी जिले की श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक राजनीतिक जोर अजमाइश शुरू हो गई है। भाजपा और कांग्रेस के दो दिग्गजों के इस क्षेत्र में इस बार राजनीतिक माहौल बदला-बदला सा महसूस हो रहा है।
राज्य गठन के बाद अस्तित्व में आई श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र पांच चुनाव में कई भौगोलिक परिवर्तन का गवाह रहा। 2007 तक अस्तित्व में रही थलीसैंण विधानसभा का अधिकांश हिस्सा अब श्रीनगर विधानसभा में है।
2002 और 2007 में सीट एससी के लिए रिजर्व रही। 2002 में कांग्रेस के सुंदरलाल मंद्रवाल चुनाव जीते तो 2007 में भाजपा के बृज मोहन कोटवाल विधायक बनें।
2012 में श्रीनगर विधानसभा का स्टेटस चेंज हुआ और सीट जनरल हो गई। जनरल सीट पर कांग्रेस के गणेश गोदियाल चुनाव जीते। 2017 में भाजपा के डा. धन सिंह रावत ने चुनाव जीतकर गोदियाल से हिसाब बराबर कर दिया। 2022 का चुनाव कांटे का रहा। करीब छह सौ मतों से डा. धन सिंह रावत चुनाव जीतने में सफल रहा।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस ने जोर अजमाइश शुरू कर दी है। विधानसभा क्षेत्र में इस बार राजनीतिक माहौल बदला बदला सा महसूस हो रहा है। कांग्रेस ने विभिन्न मुददों पर भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है।
क्षेत्र से बहुत राजनीतिक बातें निकलकर सामने आ रही हैं। इन सबका चुनाव में असर दिखना तय माना जा रहा है। विधानसभा के सबसे बड़े शहर श्रीनगर बहुत कुछ बयां कर रहा है। राजनीति के जानकार यहां के बारे में बहुत कुछ बयां कर रहे हैं।
निकाय चुनाव की बातें रह रहकर लोगों को याद आ रही हैं। ये सब फैक्टर 2027 के विधानसभा चुनाव में गुल खिला सकते हैं। हालांकि अभी समय बहुत है। 2022 के विधानसभा चुनाव में आखिर के तीन महीनों में काफी कुछ बदल गया था।