प्राध्यापकों की वरिष्ठता पर कई सवालों से घिर का गया श्री देव सुमन विश्वविद्यालय

  • राजभवन पहुंचा मामला, उच्च शिक्षा जगत में भी हो रही चर्चा

  • तीर्थ चेतना न्यूज

    ऋषिकेश। प्राध्यापकों की वरिष्ठता के मामले में श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय कई सवालों से घिर गया है। मामला राजभवन तक पहुंच गया है और उच्च शिक्षा जगत मंे इसकी खूब चर्चाएं हो रही हैं।

    श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का धरातल पर स्थित एक मात्र परिसर यानि ऋषिकेश परिसर में एक-एक प्राध्यापक गवर्नमेंट हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट से लिया गया है। शासन ने ज्येष्ठता और श्रेष्ठता के आधार पर चयनित प्राध्यापकों को विश्वविद्यालय कों सौंपने से पहले वरिष्ठता और सेवा शर्ते स्पष्ट कर दी थी। बावजूद इसके विश्वविद्यालय इसको लेकर अंजान बना रहा।

    एक-एक मर्जर पत्र में स्पष्ट है कि प्राध्यापकों की वरिष्ठता उच्च शिक्षा वाली ही मानी जाएगी। मगर, ऐसा हुआ नहीं। पूरे चार साल विश्वविद्यालय ने प्राध्यापकों की वरिष्ठता मंे मनमानी की। वरिष्ठता क्रम में काफी पीछे वाले प्राध्यापक को परिसर का निदेशक बना दिया गया। तीनों संकायों के अध्यक्ष भी वरिष्ठता क्रम की अनदेखी कर बनाए गए। कुछ विभागों में विभागाध्यक्ष पद पर भी ऐसा हुआ।

    अब विश्वविद्यालय शासन द्वारा पहले दिन स्पष्ट की गई वरिष्ठता को ही स्वीकार लिया। तीनों संकायों में वरिष्ठ प्राध्यापकों को डीन बना दिया गया है। कुछ विभागाध्यक्ष भी बदल दिए गए हैं। मगर, निदेशक के मामले में विश्वविद्यालय के स्तर पर अभी तक कुछ निर्णय होता नहीं दिख रहा है। इसको लेकर जितने मुंह उतनी बातें हो रही हैं।

    यही नहीं कार्यवाहक कुलपति के लिए विश्वविद्यालय से मांगी गई पांच वरिष्ठतम प्राध्यापकों की सूची का मामला राजभवन पहुंच गया है। इसको लेकर भी कई बातंे सामने आ रही है। श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर में वरिष्ठता को लेकर पूरे चार साल हुए खेला की उच्च शिक्षा जगत में खूब जग हंसाई हो रही है।

    इस मामले में विश्वविद्यालय का पक्ष जानने के लिए कुलपति से कई बार फोन पर संपर्क करने के प्रयास किए गए। मगर, फोन नहीं उठा। विश्वविद्यालय का पक्ष मिलने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Tirth Chetna

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