शिक्षा विभागः खुलते मामले और सिकुड़ती जांच

शिक्षा विभागः खुलते मामले और सिकुड़ती जांच

देहरादून। शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच को गठित एसआईटी हर दिन एक के बाद एक फर्जीबाड़े का खुलासा कर रही है। खुलासां के साथ ही सरकार ने जांच का दायरा घटा दिया है।

तीन माह की जांच में श्वेता चौबे के नेतृत्व वाली एसआईटी फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी कर रहे दर्जनों शिक्षकों को बेनकाब कर चुकी है। हाल ही में उत्तर प्रदेश में तैनात एक शिक्षक की डिग्री पर ऊधमसिंहनगर में नौकरी कर रहे एक फर्जी शिक्षक का भी खुलासा किया जा चुका है।

एक के बाद एक हो रहे खुलासों के बाद शासन में एसआईटी के जांच के दायरे को सीमित कर दिया है। अब एसआईटी 2012-16 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की ही जांच करेगी। हालांकि जांच के दौरान यदि कोई मामले भी टीम के सामने आएगा तो उसका भी संज्ञान लिया जाएगा।

माना जा रहा है कि एसआईटी प्रमुख द्वारा किए गए समय निर्धारण से संबंधित अनुरोध के बाद ये निर्णय लिया गया है। बहरहाल, अब सवाल उठ रहा है कि 2012 से पहले हुई नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच से नए सिरे से एसआईटी का गठन होगा।

 

 

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