जीवन जीने की कला सीखाती है श्रीमद भागवत

जीवन जीने की कला सीखाती है श्रीमद भागवत

kathaश्रीमद भागवत कथा जीवन जीने की कला सीखाते है। ये जीवन में अच्छे बूरे का बोध कराती है।

ये कहना आचार्य रमेशचंद्र शास़्त्री का। शास्त्री नारायण सेवा संस्थान, सेवा परमो धर्म ट्रस्ट, उदयपुर एवं श्री शिव शंकर तीर्थ यात्रा, ऋषिकेश के बैनर तले शुक्रवार से होने वाली श्रीमद भागवत कथा के आयोजन के बारे में बोल रहे थे।

उन्होंने ऋषिकेश को श्री कृष्ण की धरती बताते हुए कहा कि श्रीमद भागवत कथा जीवन जीने की कला सीखाती है। ये लोगों को अच्छे बुरे का बोध कराती है। ये जन्म से लेकर मृत्यु तक के तमाम वर्जनाओं से रूबरू कराती है।

अभी तक 500 से अधिक कथा कर चुके रमेशचंद्र शास्त्री ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा के दौरान वो लोगों को मौजूदा दौर के सवालों से रूबरू कराते हैं। इसमें बेटी बचाओ, गंगा संरक्षण, मानसिक स्वच्छता आदि प्रमुख विषय शामिल हैं।

कहा कि इस कथा के माध्यम ये नारायण सेवा संस्थान के हॉस्पिटल की मदद होगी। ताकि वहां दिव्यांग जनों के लिए और सुविधाएं जुटाई जा सकें।
श्री शिव शंकर तीर्थ यात्रा, ऋषिकेश के प्रमुख भगवान दास अग्रवाल, प्रशांत भैया आदि मौजूद थे।

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