प्राथमिक शिक्षकों को दुर्गम की सेवा का पुरस्कार और माध्यमिक……

प्राथमिक शिक्षकों को दुर्गम की सेवा का पुरस्कार और माध्यमिक……
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शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार का मामला

तीर्थ चेतना न्यूज

देहरादून। प्राथमिक के शिक्षकों की दुर्गम में तैनाती शैलेश मटियानी पुरस्कार दिलाने में सहायक बनेगी। उन्हें इसके अधिकतम दो अंक मिल सकते हैं। जबकि माध्यमिक के दुर्गम में तैनात शिक्षकों को ऐसा वेटेज नहीं मिलने जा रहा है।

शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार के मानकों में इस बार खासा बदलाव किया गया है। मानकों का विभाग ने कड़ा किया है। मॉनिटरिंग भी पहले के मुकाबले सख्त होगी। ये अच्छा कदम है और पुरस्कार को लेकर पूर्व में जिस प्रकार की शिकायतें आती रही हैं उसके लिए कड़े कदम जरूरी थे।

पुरस्कार को लेकर इन अच्छी बातों के अलावा एक मानक शिक्षकां में भेदभाव पैदा कर रहा है। प्राथमिक के शिक्षकों की दुर्गम की सेवा को मानक में शामिल किया गया है। पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले प्राथमिक के शिक्षक को दुर्गम सेवाओं के लिए अधिकतम दो अंक दिए जाएंगे।

माध्यमिक के शिक्षकों को दुर्गम की सेवा कोई वेटेज नहीं मिलेगा। यानि पुरस्कार की आर्हता प्राप्त करने में माध्यमिक के शिक्षकों की दुर्गम की सेवा प्राथमिक के शिक्षकों की दुर्गम की सेवा जैसी काउंट नहीं होगी। माध्यमिक के शिक्षकों को ये भेदभाव खटक रहा है।

इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्राथमिक का दुर्गम और माध्यमिक का दुर्गम को अलग-अलग कैसे माना जा सकता है। इस संबंध में कई प्रयासों के बाद भी  शिक्षा विभाग का पक्ष नहीं मिल सका। पक्ष मिलने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशिकत किया जाएगा।

Tirth Chetna

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