नौ जिलों में एक भी शिक्षक नहीं मिला शैलेश मटियाल पुरस्कार लायक

नौ जिलों में एक भी शिक्षक नहीं मिला शैलेश मटियाल पुरस्कार लायक
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देहरादून। स्कूल/प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को दिए जाने वाले शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चुने गए शिक्षकों के नामो का ऐलान कर दिया है। माध्यमिक स्तर पर नौ जिलों में कोई भी शिक्षक इस पुरस्कार के लायक नहीं मिला।

चुनाव के चलते लटके 2021 के शैलेश मटियानी पुरस्कार का शुक्रवार को ऐलान हो गया। माध्यमिक शिक्षा में ये पुरस्कार सिर्फ चार जिलों में सिमट गया। उत्तरकाशी जिले से दिवाकर प्रसाद पैन्यूली, हरिद्वार से श्रीमती पूनम राणा, पिथौरागढ़ से दीपा खाती और अल्मोड़ा से श्रीमती तनुजा जोशी को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।

सूची में राज्य के शेष नौ जिलों का नाम नहीं है। अब उक्त जिलों से आवेदन नहीं हुआ या फिर कोई शिक्षक इस पुरस्कार के मानकों पर खरा नहीं उतरा। बहरहाल, प्रशिक्षण श्रेणी में डायट लोहाघाट के डा. अविनाश कुमार शर्मा को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।

प्राथमिक स्तर पर पौड़ी से गब्बर सिंह बिष्ट, चमोली से श्रीमती अंजना खत्री, उत्तरकाशी से श्रीमती सरिता, देहरादून से राजीव कुमार पांथरी, हरिद्वार से श्रीमती बीना कौशल, टिहरी से हृदयराम अंथवाल, रूद्रप्रयाग से हेमंत कुमार चौकियाल, चंपावत से मंजूबाला, बागेश्वर से ललित मोहन जोशी, यूएसनगर से मोहन सिंह, नैनीताल से नंद लाल आर्य, पिथौरागढ़ से हरीश चंद्र पांडेय और अल्मोड़ा से मनोज कुमार पंत को वर्ष 2021 के शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चुना गया है।

Tirth Chetna

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