ऋषिकेश विधानसभाः सवालों की भरमार और जवाबों का अकाल

ऋषिकेश विधानसभाः सवालों की भरमार और जवाबों का अकाल

तीर्थ चेतना न्यूज

ऋषिकेश। ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में सवालों की भरमार है और जवाबों का अकाल है। हर चुप्पी और हर नारे को जवाब मान लेने वालों का मिजाज भी इस बार बदला बदला महसूस हो रहा है।

राज्य गठन के बाद अस्तित्व में आई ऋषिकेश विधानसभा की पहचान भाजपा के गढ़ के रूप में बन गई है। हालांकि क्षेत्र के लोगों ने 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया। इसके बाद कांग्रेस से हुई कई चूकों से भाजपा को जनता के बीच स्पेस बनाने में मदद मिली। परिणाम 2007, 12,17 और 2022 में ऋषिकेश विधानसभा में कमल खिला।

अब क्षेत्र के लोग तब और अब के विकास में तुलना भी करने लगे हैं। अंतर को सार्वजनिक भी कर रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी ऐसा कुछ-कुछ देखा और महसूस किया गया था। बहरहाल, अब 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

2022 से अब तक राज्य की राजनीति में सबसे अधिक चर्चाएं ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र की रही। सड़क से लेकर विधानसभा के अंदर तक ऋषिकेश कई तरह की चर्चा में रहा। सोशल मीडिया में तो चर्चाएं बहुत कुछ देखी जा सकती हैं।

निकाय चुनाव में चर्चाएं इस कदर बढ़ी कि अब ये राजनीतिक जोखिम साबित हो रहा है। इस पूरे प्रकरण को भुलाने के प्रयास भी खूब हो रहे हैं। बड़ी राजनीतिक ब्रिगेड काम पर लगी है। मगर, सफलता फिलहाल दूर-दूर तक मिलती नहीं दिख रही है।

बहरहाल, इस दौैरान जनता की ओर से सवालों की भरमार भी खूब रही। है। जवाबों का अभी भी अकाल ही दिख रहा है। क्षेत्र के विकास के बदले देश के हाई- वे दिखाने का सबसे बड़ा चलन ऋषिकेश में दिखता रहा है।

जवाब देने के बजाए नारे और इधर-उधर की बातें खूब होती रही। अब लोगों को हकीकत का भान होने लगा है। परिणाम ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र का मिजाज इस बार बदला-बदला महसूस हो रहा है।

 

 

Tirth Chetna

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *