सावधान! प्लास्टिक के खिलौने जहरीले हैं

सावधान! प्लास्टिक के खिलौने जहरीले हैं

toyदेश के बच्चे खतरों से खेल रहे हैं। जी हां, प्लास्टिक के खिलौनों से बच्चे हमेशा खतरनाक कैमिकल की जद में हैं। चीनी खिलौने तो और भी खतरनाक हैं।

मां-बाप के बाद नन्हें बच्चों का अधिकांश समय अपने खिलौनों के साथ गुजरता है। खिलौनों के प्रति बच्चों की दिवानगी किसी से छिपी नहीं है। प्लास्टिक से बनी, कार, हीमैन, गुड़िया, जहाज, बंदर बच्चों को आकर्षित करते हैं।

मां से चांद लाने की जिद करने के किस्से भी समाज में हैं। मगर, अब बच्चों के प्यारे खिलौने जहरीले हो गए हैं। खिलौने अब रोते बच्चे को चुप कराने के साधन कम और उसके जीवन से खेलने के हथियार ज्यादा बन गए हैं। आज के रंग-बिरंगे और आकर्षक प्लास्टिक के खिलौने बचपन को खतरे में डाल रहे हैं।

दरअसल, उक्त खिलौनों से बच्चे खतरनाक कैमिकल की जद में आ रहे हैं। इसका असर भी कई तरह से बच्चों में दिखने लगा है। बावजूद इसके न तो परैंटस और न व्यवस्था ही इस पर गौर करने को तैयार है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर हुए एक सर्वे में ये खुलासा हुआ। 26 देशों से एकत्रित किए गए खिलौनों के सैंपल में खतरनाक कैमिकल मिले हैं। इसमें भारत भी शामिल है। भारत से लिए गए खिलौनों के 66 प्रतिशत सैंपल असुरक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।
खास बात ये है कि सभी सैंपल मेट्रो सिटी ब्रांडेड आवटलेट से लिए गए। जहां मिलने वाले उत्पादों में सुरक्षा के दावे किए जाते हैं। स्ट्रीट, फहड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में मेलों में बिकने वाले प्लास्टिक के खिलौनों की स्थिति क्या होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

बहरहाल, सैंपल को लिए गए गए प्लास्टिक के अधिकांश खिलौनों में ऑक्टा बीडीई और डेका बीडीई के अलावा एचबीसीडी जैसे खतरनाक कैमिकल मिले। विशेषज्ञों का मानना है कि नन्हें बच्चों हर खिलौने को मुंह में रखने की सहज प्रवृत्ति होती है। इससे खतरनाक कैमिकल उसके अंदर पहुंच रहे हैं।

जाहिर है कि उक्त कैमिकल अपना असर भी दिखा रहे होंगे। हालांकि अभी तक देश में खिलौनों से पैदा हुए खतरे को लेकर कोई अध्ययन नहीं हुआ है। मगर, विशेषज्ञ प्लास्टिक के रंग-बिरंगे खिलौनों को लेकर सवाल खड़े करते रहे हैं।
करण उक्त खिलौनों में मौजूद कैमिकल बच्चों में हारमोनल डिसआर्डर, नर्वस सिस्टम के साथ ही प्रजजन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा उक्त कैमिकल से कैंसर का खतरा हमेशा बना रहता है।

एक अनुमान के मुताबिक भारत में खिलौना का बाजार 26 हजार करोड़ से अधिक है। हर वर्ष इसमें तेजी से ईजाफा हो रहा है। खिलौना बाजार में चीन निर्मित खिलौनों का बोलबाला लगातार बढ़ रहा है।

विशेषज्ञ चीन निर्मित प्लास्टिक के खिलौनों को अपेक्षाकृत अधिक खतरनाक मान रहे हैं। इन खिलौनों के कैमिकल कम्पोजिशन की जांच की मांग भी होती रही है। खास बात ये है कि अभी तक खिलौनों के पैकेट पर इसके कैमिकल कम्पोजिशन के बारे में कुछ भी नहीं लिखा रहता है।

खिलौनों से खतरे में पड़े देश के बचपन के बारे में व्यवस्था भी चुप्पी साधे हुए है। हैरानगी की बात ये है कि 26 हजार करोड़ के खिलौने के बाजार के लिए देश में कोई रेगुलेटरी बॉडी नहीं है। संभवतः इस करोबार से जुड़े उद्योग इसी बात का लाभी उठा रहे हैं।

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