एनआईटी श्रीनगरः छात्रों का परिसर छोड़ना राजकाज पर सवाल

एनआईटी श्रीनगरः छात्रों का परिसर छोड़ना राजकाज पर सवाल

- in शिक्षा
0

श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, एनआईटी श्रीनगर परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिन्न छात्रों को अपने घरों को लौटना राज्स सरकार कामकाज पर सवाल खड़े कर गया।

वर्ष 2009 में केंद्र सरकार ने श्रीनगर में एनआईटी खोलने का ऐलान किया। स्थायी परिसर बनने में पॉलीटेक्निक परिसर को इसका ठिया बनाया गया। इसके साथ ही सुमाड़ी समेत कुछ गांवों की भूमि स्थायी परिसर के लिए चिन्हित की गई।

यहां पेड़ कटान से लेकर चार दीवारी का निर्माण किया गया। अचानक इस भूमि को अनपयुक्त बता दिया गया। तब से मामला लटका पड़ा है। इसके बाद जलेथा गांव में भूमि देखी गई। मगर, इसके हस्तांतरण आदि की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

इस बीच, यहां पढ़ रहे छात्र परिसर की सुविधाओं समेत तमाम व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाते रहे। स्थानीय लोगों के स्तर से भी आंदोलन हुए। डबल इंजन सरकार ने खूब आश्वासन भी दिए। मगर, इस दिशा में कुछ खास किया नहीं।

अक्तूबर प्रथम सप्ताह में तमाम अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों ने आंदोलन किया तो प्रबंधन ने इस पर खास गौर नहीं किया। इससे नाराज छात्रों ने परिसर छोड़ने में ही भलाई समझी। यहां पढ़ रहे करीब नौ सौ छात्र अपने घरों को लौट गए।

छात्रों का इस तरह से जाना राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े करता है। छात्रांं के परिसर छोड़ने के बाद एनआईटी प्रबंधन और राज्य सरकार में हड़कंप मचा हुआ है। छात्रों को वापस बुलाने के प्रयास हो रहे हैं। मगर, स्थायी परिसर से लेकर अव्यवस्थाओं पर किसी भी स्तर पर चर्चा नहीं हो रही है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

पुरानी पेंशन की मांग पर क्यों नहीं पसीज रही सरकारें

पौड़ी। आखिर देश की तमाम राज्य सरकारें और