टिहरी डायट में नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों पर चर्चा
टिहरी डायट में एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी ने दिया जोर
तीर्थ चेतना न्यूज
नई टिहरी। नई शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित होने वाली कार्यशालाओं/प्रशिक्षणों को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीयता से जोड़ा जाना चाहिए। ताकि बेहतरी का माहौल में समुदाय भी शामिल रहे।
ये कहना है एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. डीपी सकलानी का। प्रो. सकलानी शुक्रवार को डायट टिहरी में थे। उनकी मौजूदगी में नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों पर चर्चा परिचर्चा की गयी।उन्होने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 पर आयोेजित होने वाले विभिन्न कार्यशालाओं/ प्रशिक्षणों को प्रभावी बनाने हेतु स्थानीयता से जोेडा जाना चाहिए।
प्रशिक्षण को कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय शिल्पकारों की सहायता से प्रशिक्षण सहायक सामग्र्री का निर्माण किया जाये ताकि स्थानीय संस्कृतिएवं उत्पादों को बढ़ावा मिल सके ।
डायट टिहरी में प्लास्टिक की सामग्री का बिल्कुल भी उपयोग नही किया जा रहा है इसके लिए उन्होंने संस्थान की सराहना की। इस मौक के पर उन्होंने जिले के विभिन्न विद्यालयों का अनुश्रवण भी किया गया। इस अवसर पर एस॰सी॰ई॰आर॰टी॰ के अपर निदेशक, डायट की प्राचार्य श्रीमती हेमलता भट्ट, एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰के प्रो॰ रंजना अरोडा, मुख्य शिक्षा अधिकारी डीईओ माध्यमिक एस॰पी॰सिहं दीपक रतूडी,डॉ॰वीर सिहं रावत,विनोद पेटवाल,देवेन्द्र सिहं भण्डारी,श्रीमती सीमा शर्मा आदि उपस्थित रहे। अन्त में संस्थान के प्राचार्य श्रीमती हेमलता भट्ट ने सभी आगन्तुकों को धन्यवाद अदा कर सभा का समापन किया ।


