राष्ट्रीय विज्ञान दिवसः वैज्ञानिक सोच रखने वालों को मिले मौके

राष्ट्रीय विज्ञान दिवसः वैज्ञानिक सोच रखने वालों को मिले मौके

- in टिहरी
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नई टिहरी। समाज में वैज्ञानिक सोच रखने वालों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। ताकि अविष्कारों को गति मिल सकें। तकनीकी में सुदृढ़ता आए।

ये कहना कि वैज्ञानिकों का। मौका था राष्ट्रीय विज्ञान दिवस दिवस पर हेनब गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय परिसर बादशाहीथौल, टिहरी में भौतिक तथा गणित विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का। उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसन्धान केन्द्र के निदेशक प्रो0 दुर्गेश पन्त ने बतौर मुख्य अतिथि सेमिनार को उदघाटन किया।

इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर प्रकाश डाला। कहा कि प्रो0 रमन ने समुद्र के पानी के नीले रंग पर रेलीग कि व्याख्या पर शक होने लगा और उन्होंने समुद्र पर अध्ययन करके यहॉ पाया कि समुद्र भी सूर्य के प्रकाश को विभाजित करता है जिस कारण पानी का रंग नीला दिखाई पड़ता है।

उन्होंने ठोस, द्रव और गैस में प्रकाश के विभाजन पर शोध जारी रखा जिस कारण से इसे रमन प्रभाव के नाम से जाना जाता है। तथा भारत में सन् 1986 से प्रतिवर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता हैं।

विज्ञान के क्षेत्र में प्रथम नोवेल पुरस्कार प्राप्त डॉ सीवी रमन ने रमन प्रभाव के रूप में प्रसिद्धी पायी है। इस दिवस को मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करना, विज्ञान के क्षेत्र में नए प्रयोग के लिए प्रेरित करना तथा विज्ञान एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति सजग बनाना है।

तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता प्रो0 आरसी रमोला ने अपने उद्घाटन विचार में कहा है कि बिना विज्ञान के तकनीकी विकसित नहीं हो सकती है। हमें तकनीकी के बार-बार विकास करने के लिए सबसे पहले विज्ञान का ज्ञान जरूरी है। बिना विज्ञान के तकनीकी विकसित नहीं हो सकते है भारत के वैज्ञानिक शैक्षणिक, चिकित्सा, तकनीकी, तथा अनुसन्धान संस्थानों सहित सभी छात्रों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों तथा शोधार्थीयों द्वारा विज्ञान दिवस मनाया जाता है।

सेमिनार के संयोजक प्रो. पीडी सेमल्टी तथा परिसर निदेशक प्रो. एए बौड़ाई ने कहा है कि देश में कहीं ऐसे लोग है जो वैज्ञानिक सोच रखते है इन लोगों को मौका देना और उन्हें अपने काम के लिए प्रोत्सहित करना भी मुख्य उद्देश्य है। मानव कल्याण और प्रगति के लिए वैज्ञानिक क्षेत्र में सभी गातिविधियों, प्रयासों, और उपलब्धियों को प्रदर्शित करना भी विज्ञान दिवस का उद्देश्य है।

आयोजक सचिव डॉ. केसी पेटवाल ने मुख्य अतिथि, अतिथियों तथा विभिन्न संस्थानों से आये हुये प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुये कहा है कि इस दो दिवसीय सेमिनार में जहॉ छात्र/छात्राओं और शोधार्थीयों के लिए अपने वैज्ञानिक सोच को व्यक्त करने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, विज्ञान सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता एवं शोध पत्र प्रस्तुत प्रतियोगिता भी रखी गई है। इस प्रथम, दितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रो वीना जोशी, प्रो. गीताली पड़ियार, प्रो.आरसी रमोला, प्रो. एससी शर्मा, डॉ. केपी सिंह, डॉ. यूएस नेगी, पुस्तकालयाध्यक्ष हंसराज बिष्ट, डॉ. शंकर लाल, डॉ. शलिनी रावत, डॉ. गुरूपाल गुसांई, डॉ. रामनिवास देशवाल, डॉ. दिवान सिंह राणा, डॉ. कौशल किशोर बिजल्वाण, डॉ. मनोज कुमार नौटियाल, गायित्री रावत, डॉ. प्रमोद उनियाल, डॉ. वीके बंगवाल, डॉ. आरवी गोदियाल, डॉ. मुकेश बिजल्वाण, डॉ0 मुकेश रावत, डॉ. एनपी नैथानी, डॉ. अर्चना शाह, डॉ. एमके शर्मा, डा. संजू सजवाण, डॉ. मणिकान्त शाह तथा विभिन्न संस्थानों से आये प्रतिभागी एवं छात्र/छात्रायें आदि उपस्थित है।

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