नमामि गंगे की निर्माण एजेंसी बिगाड़ रही संगम का स्वरूप

नमामि गंगे की निर्माण एजेंसी बिगाड़ रही संगम का स्वरूप

deदेवप्रयाग। नमामि गंगे की निर्माण एजेंसियों ने देवप्रयाग स्थित संगम सहित तमाम पूर्व विकसित घाटों का स्वरूप बिगाड़कर रख दिया। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है।

उल्लेखनीय है कि गंगा समेत अन्य नदियों को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना नमामि गंगे के तहत इन दिनों काम चल रहे हैं। इन कामों को अंजाम देने वाली एजेंसियां स्थानीय स्तर पर बगैर सामंजस्य के काम कर रही हैं। परिणाम विवाद पैदा हो रहे हैं।

सतयुग के तीर्थ देवप्रयाग में निर्माण एजेंसी ने पूर्व से विकसित संगम, फूलवाड़ी घाट, रामकुंड और टोंडेश्वर क्षेत्र का स्वरूप बिगाड़ दिया है। एजेंसी स्थानीय लोगों के सुझावों पर गौर करने को तैयार नहीं है।

नगर पालिका के लाख अनुरोध के बावजूद एजेंसी के अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। देवप्रयाग की परिस्थितियों के जानकारों की भी एजेंसी सुनने को तैयार नहीं हैं। परिणाम यहां नमामि गंगे परियोजना की सफलता को लेकर गंगा के प्रारंभिक स्थल देवप्रयाग में ही संशय पैदा हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी के अधिकारी शवदाह स्थल आदि का निर्माण में लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखने के बजाए धन को ठिकाने लगाने की गरज से कर रहे हैं। इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा।

नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती शुभांगी कोटियाल का कहना है कि निर्माण एजेंसी के सम्मुख तमाम तर्क रखे जा चुके हैं। पालिका लिखित में भी अनुरोध भी कर चुकी है। बावजूद एजेंसी के अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।
बहरहाल, हालात ये हैं कि लोग कभी कभी निर्माण एजेंसी के खिलाफ सड़कों पर उतर सकते हैं।

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