मजाक बना मॉडल जीआईसी सतपुली

मजाक बना मॉडल जीआईसी सतपुली

model-school-satpuliसतपुली। कांग्रेस शासन में अभिचिन्हित मॉडल राजकीय इंटर कालेज सतपुली मजाक बनकर रह गया है। हालात ये हैं कि यहां घंटी बजाने का काम भी कई बार छात्रों को ही करना पड़ता है।

मॉडल इंटर कालेज सतपुली में में प्रवक्ता और एलटी स्तर के करीब आधा दर्जन पद खाली हैं। जाहिर है मॉडल स्कूल की पढ़ाई पटरी पर नहीं होगी। गणित, राजनीतिक शास्त्र और समाजशास़़्त्र के प्रवक्ता पद रिक्त हैं। एलटी के विज्ञान, गणित के शिक्षक नहीं हैं।

रसायन विज्ञान के शिक्षक यूपी के विकल्पधारी हैं। उन्हें रिलीव करने की तैयारी शासन स्तर पर हो चुकी है। जल्द ही ये पद भी खाली हो जाएगा। भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता जल्द ही प्रधानाध्यापक पद पर चले जाएंगे। ऐसे में कुछ महीने बाद मॉडल स्कूल की स्थिति और बदत्तर हो जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गृह क्षेत्र के इस इंटर कालेज का हालात इतने खराब हैं कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अभाव में कई बार घंटी भी छात्रों को ही बजानी पड़ती है। यहां तैनात चतुर्थ श्रेणी कुछ ही माह बाद रिटायर होंगे। इन दिनों वो छुट्टी पर हैं।

हैरानगी की बात ये है कि विभाग के आलाधिकारी भी इस मॉडल स्कूल की दुर्दशा पर गौर करने को तैयार नहीं है। सरकार का ध्यान सिर्फ शिक्षकों को यूनिफार्म पहनाने पर हैं। व्यवस्थागत खामियों को दूर करना सरकार के एजेंडे शायद नहीं है।

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