टिहरी जिले में पशु पालन का कारनामाः बगैर दवा के पहुंचा बिल और भुगतान हो गया,मंत्री के निरीक्षण में हुआ खुलासा

टिहरी जिले में पशु पालन का कारनामाः बगैर दवा के पहुंचा बिल और भुगतान हो गया,मंत्री के निरीक्षण में हुआ खुलासा

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ऋषिकेश। टिहरी जिले के मुनिकीरेती स्थित केंंद्रीय दवा भंडार गृह का पशु पालन मंत्री रेखा आर्य ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में भारी अनियमितताएं पाई गई।श्रीमती आर्य के मुताबिक दवा आई नहीं बिल पहुंचा और भुगतान हो गया

गुरूवार को प्रदेश की पशु पालन मंत्री रेखा आर्य ने टिहरी जिले के मुनिकीरेती स्थित केंंद्रीय दवा भंडार गृह के औचक निरीक्षण के लिए पहुंची। मंत्री ने चीफ फार्मेसिस्ट से दवाओं का स्टॉफ, वितरण समेत तमाम रजिस्टर तलब किए।

कुछ ही देर के निरीक्षण में मंत्री ने बड़ी अनियमितताएं पकड़ ली। विभाग ने फर्मों के बिल लगा दिए, भुगतान कर दिया। मगर, अभी तक केंद्रीय भंडार में दवाइयां नहीं पहुंची। इस पर मंत्री ने चीफ फार्मेसिस्ट से सवाल किए तो उन्होंने बताया कि उपर के आदेश से ऐसा किया गया।

बाद में मौके पर पहुंचे जिले के सीवीओ डा. पीएस रावत से भी मंत्री ने अनियमितताओं के बारे में तीखे सवाल किए। कुछ जवाबों से मंत्री असंतुष्ट भी दिखी।

बहरहाल, बाद में मीडिया से बातचीत में मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये तय है कि टिहरी जिले में भारी वित्तीय अनियमितता हुई हैं। इसका बारीकी से निरीक्षण कर जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हरिद्वार के कुछ ब्लॉकों के निरीक्षण में भी इस प्रकार की अनियमितताएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी कि फर्म से दवाइयों की आपूर्ति होने से पहले भुगतान किसके निर्देश पर होता है। इसमें जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

ऋषिकेश के लिए स्वीकृत गो अनुसंधान केंद्र के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे में जानकारी लेंगी कि मामला क्या था। विभाग की जमीनों पर कब्जे/अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।  इस मौके पर लाल सिंह नगरकोटी, हरीश खंफरियाल, तुषार गर्ग आदि मौजूद थे।

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