संघ और भाजपा के नाम पर आश्रम कब्जाने का प्रयास

संघ और भाजपा के नाम पर आश्रम कब्जाने का प्रयास

- in ऋषिकेश
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ऋषिकेश। संघ और भाजपा का नाम लेकर मुनिकीरेती स्थित मधुबन आश्रम पर कब्जे के प्रयास का मामला सामने आया है। इसको लेकर जितने मुंह उतनी बातें हो रही हैं।

उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व स्वयं को ट्रस्टी बताते हुए कुछ लोगों ने मधुवन आश्रम के अध्यक्ष परमानंद के खिलाफ मुनिकीरेती थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आज इस पूरे प्रकरण पर परमानंद ने पत्रकारों से बातचीत की और एक-एक आरोपों का जवाब दिया।

कहा कि जो लोग स्वयं को ट्रस्टी बता रहे हैं उन्हें उच्चाधिकारी प्राप्त पदाधिकारी निलंबित कर चुका है। कुछ के खिलाफ वर्ष 1997 में मुनिकीरेती थाने में मामला भी दर्ज किया गया था। स्वयं के निलंबन के खिलाफ उक्त लोगों द्वारा मुंबई सिविल कोर्ट में अपील की गई। इस पर निर्णय आने से पहले उक्त लोगों ने केस वापस ले लिया।

कहा कि तीन दिन पूर्व पहले एक युवक आश्रम में आया और स्वयं को भाजपा के बड़े नेता एवं सरकार में बड़े पद पर आसीन व्यक्ति का भांजा बताते हुए आश्रम खाली करने को कहा। बातचीत में उसने आरएसएस का ये कहते हुए जिक्र किया कि संघ भी ऐसा चाहता है।

परमानंद ने स्पष्ट किया कि भक्तियोग महाराज के निधन के बाद लागतार आश्रम को विवाद में लाने के प्रयास हो रहे हैं। उन्हें इसको लेकर तमाम प्रकार की आशंकाएं हैं। उन्होंने मुनिकीरेती पुलिस को लेकर भी सवाल खड़े किए। कहा कि कुछ लोग बाहर से आते हैं उनकी तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज हो जाता है।

आश्रम की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनको मिली धमकी को पुलिस हल्के में ले रही है। उन्होंने कहा कि इससे और संदेह पैदा होता है। परमानंद समेत आश्रम के अन्य पदाधिकारियों ने बैंक खातों और आय-व्यय पर स्थिति स्पष्ट की। बैंक खाते के फ्रीज होने की वजह भी स्पष्ट की।

सभी ने एक स्वर में कहा कि भक्तियोग महाराज के निधन के बाद विवाद पैदा करने के प्रयास एका-एक बढ़े हैं। ठीक ऐसे ही विवाद भक्तियोग महाराज के दौर में भी किए जाते रहे हैं। विवाद पैदा करने वालों को हर बार न्याय के सामने मुंह की खानी पड़ी है।

3 Comments

  1. It’s very sad and bad. I am sure RSS can not be a trouble maker and should not be dragged in the Dispute..

  2. Sudevi dasi ( सुप्रिया )

    ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए जो मधुबन आश्रम को नुक़सान पहुँचना चाहते है । हम इस आश्रम से २४ साल से जुड़े हुए है ,
    इस आश्रम का निर्माण हमारे सामने श्री भक्तियोग महाराज ने करवाया
    था । कुछ वर्ष बाद ही कुछ लोगों की बुरी नज़र थी उस आश्रमपर
    उस समय से श्री भक्तियोग महाराज इन लोगों से लड़ते आ रहे थे परंतु
    उनके जाने के बाद ये धूर्त लोग ज़्यादा ही सक्रिय हो गए है और श्री परमानंद जी के ख़िलाफ़ साज़िश रच रहे है । हमारी विनती है की इन लोगों
    के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कारवाहि करनी चाहिए ।

  3. Sudevi dasi ( सुप्रिया )

    ..

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