हरिद्वार जिले में ऋण घोटाला

हरिद्वार जिले में ऋण घोटाला

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हरिद्वार। जिले में पर्यटन स्वरोजगार ऋण घोटाला सामने आया है। अधिकारियों ने नियम विरूद्व रसूखदारों को योजना का लाभ पहुंचाया। ऐसे दर्जन भर अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

मामला वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना से संबंधित है। ये बात सामने आ रही है कि हरिद्वार जिले में वर्ष 2003-2011 के बीच उक्त योजना के तहत कई ऋण नियम विरूद्व दिए गए। स्पष्ट गाइड लाइन के बावजूद कई रसूखदारों को ऋण दिया गया। जबकि जरूरतमंद ताकते रहे।

एक अधिवक्ता ने इसको लेकर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में उक्त योजना के तहत दिए गए ऋण में भेदभाव से लेकर नियमों की अनदेखे के आरोप लगाए गए थे। आरोप है कि अधिकारियों ने पद का दुरूपयोग कर अपात्र लोगां को ऋण बांटे।

प्रथम दृष्टया जो बात इस मामले में सामने आई हैं उससे साफ है कि अधिकारियों ने जमकर मनमानी की। ऐसे में 2003-2011 के बीच यहां तैनात रहे जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी,जिला पर्यटन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उक्त में से कई अधिकारी शासन में उच्च पदों पर तैनात हैं। बहरहाल, सिडकुल थाने में दर्जन भर अधिकारियों के खिलाफ पदनाम पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

उस दौर में यहां तैनात रहे अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि करीब दर्जन भर अधिकारियों का इस मामले में नपना तय है। बहरहाल, सिडकुल थाना पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

मिल रही जानकारी के मुताबिक इस मामले में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। इसको लेकर जितने मुंह उतनी बातें हो रही हैं।

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