गवर्नमेंट पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग में विश्व पर्यावरण दिवस पर गोष्ठी
तीर्थ चेतना न्यूज
कर्णप्रयाग। गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, कर्णप्रयाग में विश्व पर्यावरण दिवस पर भूगोल विभाग में आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने आदर्श पर्यावरणीय परिस्थितियों के संरक्षण पर जोर दिया।
बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर भूगोल विभाग में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।गोष्ठी के मुख्य वक्ता के रूप में गढवाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढवाल भूगोल विभाग के प्राध्यापक डा.वाई.एस. नेगी ने पर्यावरण संरक्षण पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
कहा कि हम अपने आस- पास के जंगलो में लगने वाली आग को बुझाने एवं लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास करें,क्योंकि वनों में लगने वाली आग के कारण जैवविविधता को सबसे अधिक नुकसान होता है।
इस अवसरपर छात्र एवं छात्राओं द्वारा गढवाल हिमालय की विभिन्न समस्याओं को अपने लघु शोध के माध्यम से प्रस्तुत किया गया ।अमित प्रकाश ने बैनीताल की पर्यावरणीय समस्याओं को रखा,आयुष एवं मोनिका ने कर्णप्रयाग नगर पालिका द्वारा कूड़ा निस्तारण पर अपनी समस्या रखी,संजय सिंह ने विकास खण्ड पोखरी में पलायन की समस्या , छात्रा पिंकी ने पिण्डर नदी के अपवाह क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या,निधि ने नन्दा देवी राजजात क्षेत्र में हो रहे पर्यावरणीय परिवर्तन की समस्याओं पर,नेहा टम्टा द्वारा आदिबद्री क्षेत्र की भौगोलिक समस्याओं, नेहा रावत ने जनपद चमोली में वन विनाश के प्रमुख कारणों ,मेघा नेगी ने गौचर क्षेत्र की विस्तारीकरण की समस्या पर,प्रेमा ने गैरसैण के भावी विकास की समस्या पर ,दिव्या द्वारा भोटिया जनजाति के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन पर ,किरन द्वारा चमोली जनपद की भौगोलिक पर्यावरण समस्याओं पर ,हिमानी द्वारा अलकनंदा नदी के अपवाह क्षेत्र मे हो रहे भूमि कटाव पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर भूगोल के प्राध्यापक डा.आर.सी.भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि आज जिस तरह से हमें कई प्रकार की पर्यावरणीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, यदि समय रहते हमनें इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भविष्य में हमें कई और समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि हम पर्यावरण की सुरक्षा करें और अपने आस -पास कम से कम दो पेड़ अवश्य लगायें। आमजनमानस को भी अधिक से अधिक पेड़ लगाने एवं संरक्षण हेतु प्रेरित करें। इस अवसर पर डा.नेहा तिवारी, डा. नरेंद्र पंघाल सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित थे।

