शौर्य दिवस पर कारगिल शहीदों को श्रृद्धांजलि

शौर्य दिवस पर कारगिल शहीदों को श्रृद्धांजलि

- in देहरादून
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देहरादून। शौर्य दिवस के मौके पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रम में कारगिल शहीदों को श्रृद्धांजलि दी गई।

गुरूवार को राजधानी के गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कारगिल शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को श्रृद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर सीएम ने देश की सरहदों की हिफाजत में जवानों की भूमिका की सराहना की।

कहा कि जवानों की वजह से हमारे सरहदें सुरक्षित हैं। कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने ने कहा कि कारगिलयुद्ध विषम परिस्थितियों में लड़ा गया था। फिर भी हमारे जवानों ने सेना ने अप्रतिम साहस व बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए दुश्मनों को बाहर खदेड़ा।

कारगिल के युद्ध में हमने अपने जवानों के रक्त के एकएक कतरे का बदला दुश्मनों से लिया। कारगिल का युद्ध हमारी सेना के पराक्रम के लिए हमेशा जाना जाएगा। कारगिल की लड़ाई जबजब याद की जाएगी तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को भी याद किया जाएगा।

उन्होंने उस समय राजनैतिक इच्छा शक्ति का परिचय दिया। कारगिल का युद्ध ऐसा युद्ध था जब हमने अपनी एकएक इंच भूमि की रक्षा की। कहा कि प्रत्येक जिले में सैनिकों, पूर्व सैनिकों व उनके परिवारजनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एडीएम को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सैनिकों की शिकायतों व समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।

विधायक गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं सैनिक परिवार से हैं और वे सैनिकों के प्रति विशेष तौर पर संवेदनशील हैं। शहीद सैनिकों के परिवार में से एक व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा नौकरी प्रदान की जाएगी।

सहस्त्रधारा रोड़ स्थित डांडा लखौण्ड में वार मेमोरियल बॉयज एंड गर्ल्स हॉस्टल बनाया गया गया है। इसके लिए सरकार ने भूमि व 2 करोड़ 50 लाख रूपए की सहायता दी। कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में शौर्य दिवारें बनाई गई हैं। ताकि हमारे युवा प्रेरणा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पदक विजेता सैन्य अधिकारियों, सैनिकों, शहीद सैनिकों के परिवारजनों, वीर नारियों को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम में बताया गया कि कारगिल की लड़ाई में देश के 527 जवान शहीद हुए इनमें से 75 उत्तराखण्ड के थे। जबकि पाकिस्तान के कई गुना अधिक सैनिक मारे गए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, विधायक हरबंस कपूर, खजान दास, उमेश शर्मा, ब्रिगेडियर के.जी.बहल, जनरल ओ.पी.कौशिक, सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, सैनिक, सैनिकों के परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

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