ऋषिकेश के साथ लगातार हो रहा है राजनीतिक छलः कनक धनाई

ऋषिकेश के साथ लगातार हो रहा है राजनीतिक छलः कनक धनाई

- in ऋषिकेश
0

ऋषिकेश। राज्य गठन के बाद से ऋषिकेश के साथ लगातार राजनीतिक छल हो रहा है। हर तरह के विकास की संभवनाओं से लबरेज इस क्षेत्र की उपेक्षा पर अब लोग बोलने लगे हैं।

ये कहना है उत्तराखंड जन एकता पार्टी के युवा चेहरा कनक धनाई का। ऋषिकेश के ज्वलंत मुददां पर संघर्ष करते हुए जेल तक जा चुके कनक ने हिन्दी न्यूज पोर्टल www.tirthchetna.com से विभिन्न मुददों पर विस्तार से बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के खास अंश। विस्तार से बातचीत तीर्थ चेतना के यूटयूब चैनल पर प्रसारित की जाएगी।

सवाल-आप ऋषिकेश में राजनीतिक तौर पर बहुत सक्रिय हैं।

जवाब- मैं सामाजिक तौर पर भी सक्रिय हूं। जिम्मेदार नागरिक के तौर पर भी सक्रिय हूं। लोकतंत्र में इस प्रकार की सक्रियता की अपेक्षा हर नागरिक से है। क्षेत्र की बेहतरी के लिए राजनीतिक तौर पर भी सक्रिय होना पड़े तो पीछे नहीं रहूंगा। ऋषिकेश में मेरी सक्रियता यहां की बेहतरी के रूप में देखा जाना चाहिए।
सवाल-आप चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।

जवाब- यदि क्षेत्र विकास के पायदान पर कुछ लोगों की वजह से पिछड़ रहा हो। यहां की एडवोकेसी नहीं हो पा रही है। इस पर आवाज उठाने के लिए 15 दिनों तक आंदोलन किया। जवाब नहीं मिला। जेल भी गया। अब यदि लोगों के सवालों के जवाब जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे हैं तो क्या किया जाए। लोगों के जवाब और क्षेत्र के विकास के लिए चुनाव की राजनीति में भी उतरना पड़े तो उतरेंगे।

सवाल- आप सिटिंग विधायक पर आक्रामक तरीके से निशाने साध रहे हैं।

जवाब- जी, सिटिंग विधायक पर सवाल उठाने वालों में वो अकेले नहीं हैं। न ही पहली बार उन पर सवाल उठ रहे हैं। हां, इस बात का श्रेय उत्तराखंड जन विकास पार्टी को दिया जा सकता है कि हमने सार्वजनिक मंच पर सवाल उठाए। इसे पब्लिक डोमेन तक ले गए। इसे यदि आक्रमकता समझा जा रहा है कि तो वो जनता के लिए इसे स्वीकारते हैं।

सवाल-राज्य गठन के बाद ऋषिकेश के विकास को आप कैसे देखते हैं।

जवाब- ऋषिकेश में विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। मगर, 21 साल में कुछ नहीं हुआ। दरअसल, इस पर जिम्मेदार लोगों ने फोकस ही नहीं किया। परिणाम ऋषिकेश विकास के पायदान पर पिछड़ गया है। विधायक निधि की बंदरबांट को वो विकास नहीं मानते। ऋषिकेश में यही किया गया। अब लोग समझ चुके हैं।

सवाल- ऋषिकेश में पार्टी पॉलिटिक्स प्रभावी रहती है। क्या जन एकता पार्टी के पास ऐसा मजबूत संगठन है।

ज्वाब- देखिए लोग अब दलों के नाम पर पसरी निष्क्रियता को अच्छे से समझ चुके हैं। लोग जान चुके हैं कि कैसे नारों और चेहरे के नाम पर उनका वोट लिया जाता है। हम क्षेत्र और जनहित को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारी नीयत साफ है। लोग जुड़ रहे हैं और अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

पुरानी पेंशन को मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित

गैरसैंण। शिक्षक/कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग