प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ का मंत्री से सवाल, कब अस्तित्व में आएगा त्रिस्तरीय ढांचा
तीर्थ चेतना न्यूज
देहरादून। प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने राज्य के शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत से सवाल किया कि आखिर शिक्षकों का त्रिस्तरीय ढांचा ( पीआरटी, टीजीटी और पीजीटी )कब अस्तित्व में आएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ त्रिस्तरीय कैडर पीआरटी /टीजीटी/पीजीटी की(वित्त बिहीन )मांग 2006 से लगातार विभाग ,शासन से करता रहा है। त्रिस्तरीय ब्यवस्था को वित्त विभाग उत्तराखण्ड ने 2018 में अपनी वित्त विभाग की रिपोर्ट में सरकार से राज्य हित में आवश्यक माना है।
प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने बताया कि 7-8 महीने पूर्व निदेशालय स्तर पर त्रिस्तरीय कैडर का ड्राफ्ट भी बन चुका है।जिसमे कुछ सुझाव के बिंदु विभाग शासन को संगठन द्वारा 8 माह पूर्व दिए गए है। शिक्षा मंत्री कई बार संगठन को त्रिस्तरीय कैडर को लेकर आश्वासन दे चुके हैं। विभिन्न समाचार पत्रों व सोसल मीडिया के माध्यम से लगातार त्रिस्तरीय कैडर किये जाने का बयान प्रतेयक दो तीन महीने में एक बार जरूर प्रचारित होता है ।
कहा कि लगातार ऐसे बयानों से संगठन व शिक्षको में फिर कुछ आस जगती है लेकिन कुछ दिनों के बाद फिर एक बार यह मांग दरकिनार हो जाती है । अभी तक यही प्रतीत होता है सरकार विभाग ,व शासन शिक्षको की मांगों के लिए गम्भीर नही है। और भी एस्मा का डर दिखाकर शिक्षकों की ज्वलन्त ओर गम्भीर मांगो को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।
थापा ने कहा कि मीडिया में त्रिस्तरीय कैडर की खबरे देखकर आँखे और सुनकर कान थक चुके है हक़ीक़त यह है त्रिस्तरीय कैडर का ड्राफ्ट शासन में फाइलों में बंद पड़ा है उसमें न तो संगठन के प्रस्तावों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है और न ही निदेशालय व शासन स्तर पर उसमे कोई प्रगति है न ही संगठन की एक औऱ प्रमुख मांग17140 वेतनमान पर कोई निर्णय हो रहा है जिससे शिक्षको की सेवानिवृत होने पर लाखों रुपए की रिकवरी हो रही है।
12 सूत्रीय नीतिगत प्रकरणों पर संज्ञान नही लिया जा रहा है । शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत उत्तराखण्ड सरकार द्वारा समीक्षा बैठक में पुनः एक बार संज्ञान लेकर विभागीय अधिकारियो को निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में रखे जाने का जिक्र किया है, जिसका प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखण्ड स्वागत करता है लेकिन अभी भी त्रिस्तरीय कैडर पर विभागीय व शासन स्तर पर ईमानदारी से प्रयास होंगे वही सवाल हमेशा की तरह खड़ा है।
इसलिए उत्तराखण्ड के जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षक पूछ रहे हैं कि मंत्री जी ! केंद्र के समान पी.आर.टी/टी.जी.टी/पी.जी.टी .( त्रिस्तरीय कैडर) अस्तित्व में आएगा कब ?


