गंगा मैया हाजिरी हों

गंगा मैया हाजिरी हों

gangaगंगा मैया हाजिर हां! जी हां, गंगा मैया के नाम नैनीताल हाईकोर्ट ने एक मामले में नोटिस जारी किया है। गंगा को जीवित व्यक्ति की तरह मानने के बाद ये पहला नोटिस है।

मामला देहरादून जिले की ऋषिकेश तहसील से संबंधित है। यहां खदरी ग्राम पंचायत से लगी करीब आठ एकड़ भूमि शासन ने नगर पालिका ऋषिकेश को ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए आवंटित कर दी। ग्राम प्रधान सरोप सिंह पुंडीर ने इसको लेकर हाईकोर्ट में जहित याचिका दायर की।

याचिका में उन्होंने कहा कि उक्त भूमि पर कूड़ा डालने पर बरसात में गंदगी सीधे गंगा में गिरेगी। कारण बरसात में गंगा का जल स्तर उक्त भूमि तक आ पहुंचता है। न्यायमूर्ति आलोक सिंह और न्यायमूर्ति बीके बीष्ठ की संयुक्त पीट ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

खंडपीठ ने इस मामले में गंगा के नाम नोटिस जारी कर दिया। अब इसके लिए जवाबदेह अधिकारियों को कोर्ट ने गंगा का पक्ष रखना होगा। उल्लेखनीय है कि मार्च 2017 में नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था।

गंगा के नाम जारी नोटिस का जवाब प्रदेश के मुख्य सचिव, नमामि गंगे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देंगे। कारण कोर्ट पहले ही इस तरह की व्यवस्था दे चुका है।
बहरहाल, इस मामले में आठ मई को सुनवाई होगी। अपनी तरह के पहले मामले पर हर किसी की नजर लगी हुई है।

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