पूर्व सीएम हरीश रावत के धरने पर एकजुट हुई कांग्रेस

पूर्व सीएम हरीश रावत के धरने पर एकजुट हुई कांग्रेस

- in देहरादून
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देहरादून। गन्ना किसानों के भुगतान और समस्याओं को लेकर विधानसभा के बाहर धरना जुटाकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राजनीतिक दम दिखाया। इस बहाने प्रदेश कांग्रेस एकजुट भी दिखी।

2017 के विधानसभा चुनाव में दो सीटों पर हार के बाद हरीश रावत को कमत्तर आंक रहे राजनीतिक बिरादरी को उन्होंने अपने मजबूत होने का संदेश दे दिया। ये संदेश पार्टी के अंदर और बाहर दोनांं के लिए था।

दरअसल, गन्ना किसानों के भुगतान और समस्या को लेकर विधानसभा पर धरना जुटाकर रावत ने राजनीतिक दम दिखाया। धरने पर खूब भीड़ जुटी। मौजूदा और पूर्व विधायक हरदा के आस-पास रहे।

इसके साथ ही लंबे समय बाद कांग्रेसी एकजुट भी नजर आए। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह से लेकर पार्टी के तमाम आला नेता धरने में जुटे और एकजुटता का संदेश दिया। आसन्न लोकसभा चुनाव के मददेनजर इसे पार्टी के लिए अच्छा माना जा रहा है।

बहरहाल, धरने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीधे प्रदेश भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया। गन्ना भुगतान में हो रहे विलंब को लेकर तीखे हमले बोले। हरिद्वार जिले में जहरीली शराब से हुई मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

कहा कि साबित हो गया है कि भाजपा के हाथ ही राज्य सुरक्षित नहीं है। राज्य में हर स्तर स्थितियां बिगड़ रही हैं। भाजपा लोगों में भ्रम फैला रही है। लोगों को इससे सावधान करना होगा। कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरें।

इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, गोविंद सिंह कुंजवाल, करण महरा, पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, गणेश गोदियाल, ललित फरस्वाण, राजेंद्र भंडारी, ममता राकेश, गरिमा दसौनी, किशोर उपाध्याय, विक्रम नेगी, सूर्यकांत धस्माना, दिनेश अग्रवाल, जोत सिंह बिष्ट, राजीव जैन, राकेश मियां, जयेंद्र रमोला, भगवान पंवार अजीत गोल्डी, अभिषेक शर्मा, मधु सेमवाल आदि मौजूद थे।

 

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