गवर्नमेंट पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ
शिक्षा, रोजगार उद्यम एवं आर्थिक विकास वैश्विक खुशाहली के लिए जरूरी
तीर्थ चेतना न्यूज
कर्णप्रयाग। गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, कर्णप्रयाग में शिक्षा, रोजगार उद्यम एवं आर्थिक विकास वैश्विक खुशाहली के लिए जरूरी विषय पद दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ वर्चुअल मोड में शुरू हो गई।
शनिवार को उद्घाटन सत्र में देश-विदेश से 100 से अधिक प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं कीनोट स्पीकर्स ने ऑनलाइन जुड़कर सहभागिता की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रविंद्र कुमार ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह कॉन्फ्रेंस शिक्षा, उद्यमिता और आर्थिक विकास के वैश्विक दृष्टिकोण को समझने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो राम अवतार सिंह ने कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस शोधार्थियों को वैश्विक दृष्टि प्रदान करती हैं और उन्हें नए विचारों, शोध पद्धतियों तथा नवाचारों से परिचित कराती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महाविद्यालय निरंतर शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा शोध संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। इस अवसर पर निदेशक उच्च शिक्षा (उत्तराखंड) प्रो वी एन खाली ने कॉन्फ्रेंस की सफलता हेतु अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
उद्घाटन सत्र में की नोट स्पीकर के रूप में प्रो. एस. के. श्रीवास्तव (पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय), प्रो. प्रमोद कुमार (कुलपति, अभ्युदय विश्वविद्यालय, खरगाँव), प्रो. रानिया लैम्पू (ग्रीस), प्रो. राजेंद्र कुमार (दिल्ली विश्वविद्यालय) तथा प्रो. प्रीति रानी (राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार) ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के बदलते वैश्विक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को नवाचार और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
आयोजन सचिव डॉ. हरीश चंद्र रतूड़ी ने उद्घाटन सत्र के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।उद्घाटन समारोह के उपरांत प्रथम दिवस का तकनीकी सत्र चेयरपर्सन प्रो. प्रीति रानी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस सत्र के संचालन में सह संयोजक सुश्री हिना नौटियाल ने विशेष योगदान दिया। शोधार्थियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और संवादात्मक बताया।
कॉन्फ्रेंस के आयोजन में डॉ. रविंद्र कुमार (संयोजक), सुश्री हिना नौटियाल एवं श्री तरुण कुमार आर्य (सह संयोजक), डॉ. हरीश चंद्र रतूड़ी (आयोजन सचिव), श्री दीप सिंह एवं श्री नेतराम (समन्वयक) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कॉन्फ्रेंस का समापन दूसरे दिवस के तकनीकी सत्रों एवं वैलेडिक्टरी सेशन के साथ किया जाएगा, जिसमें शिक्षा और उद्यमिता आधारित वैश्विक समृद्धि के नए आयामों पर विस्तृत चर्चा होगी।
