गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज त्यूणी में जल संरक्षण की अनिवार्यता पर संगोष्ठी
तीर्थ चेतना न्यूज
त्यूणी। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, त्यूणी में जल संरक्षण की अनिवार्यता पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने मौजूदा दौर में जल के महत्व और इसको लेकर भविष्य की चुनौतियों पर विचार रख।
कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो अंजना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जल-संरक्षण पर एक गोष्ठी आयोजित की गयी , इसमें सर्व प्रथम विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय स्टाफ ने जल संरक्षण करने के लिए शपथ ली कि जल को बचाने के सभी लोग भरसक प्रयास करेंगे । क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग,प्रदूषण , वृक्षों का कटान आदि के कारण जल स्रोतो में जल कम होता जा रहा है। पानी का दुरुपयोग भी इसमें शामिल है, वर्षा कम होने से भी पानी की कमी होती जा रही है।
कार्यक्रम समन्वयक डा मीनाक्षी कश्यप ने बताया पानी हमारे जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता है, इसीलिए कहा जाता है कि जल ही जीवन है। अतः पानी को बचाना बहुत जरूरी है जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी पर्याप्त जल अपनी दैनिक आवश्यकताओ के लिए मिल सके ।
राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक सचिन शर्मा ने अपने सम्बोधन में आगामी मानसून सत्र में वर्षा के जल को संरक्षित करने के विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला। डा सतीश चंद्र ने कहा कि यदि भविष्य में भी पानी की कमी नहीं चाहते हों तो ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पेड़ लगाने चाहिए दैनिक जीवन में पानी का उचित मात्रा में प्रयोग करें निर्थक पानी का अपव्यय नहीं करना चाहिए। प्रयुक्त पानी को भी पेड़ पौधों की सिंचाई , पशुओं के स्नान आदि में उपयोग लाया जा सकता है।उसके लिए पोखर आदि का निर्माण भी जरूरी है।
प्रचार्या प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक छात्र छात्राओं को आज से ही अपने घर से जल संरक्षण शुरू करना चाहिए ,चाहे खाना बनाना हो या कपड़े धोना सबमें पानी कम खर्च करने की आदत बनानी होगी।जल संरक्षण के इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी स्टाफ श्रीमती शर्मिला,डा अवधेश , पूरन सिंह, खुशी राम, श्री कैलाश नाथ, रविन्द्र , संदीप तोमर आदि उपस्थित रहे।

