पीएम इंटर्नशिप योजनाः गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज चकराता में जागरूकता कार्यक्रम
तीर्थ चेतना न्यूज
चकराता। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चकराता में आयोजित कार्यक्रम में छात्र/छात्राओं को पीएम इंटर्नशिप योजना के बारें में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि पीएमआईएस युवाओं के लिए किस प्रकार से लाभकारी है।
बुधवार को गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चकराता में आयोजित कार्यक्रम का प्रिंसिपल डा. आशुतोष शरण ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास अत्यंत आवश्यक हो गया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त मंच बताते हुए कहा कि यह योजना उन्हें वास्तविक कार्यस्थल के अनुभव से जोड़कर आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए तैयार करती है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. सुदिप्ता कण्डारी ने योजना की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए विद्यार्थियों को पंजीकरण प्रक्रिया, प्रोफाइल निर्माण तथा इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी शैाणिक योग्यता एवं रुचियों के अनुसार विभिन्न संस्थानों और कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने मोबाइल सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने जैसे सभी चरणों को क्रमबद्ध ढंग से समझाया। इस अवसर पर डॉ. शैलजा रावत ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पीएम इंटर्नशिप योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल विद्यार्थियों को कार्य का वास्तविक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि उन्हें उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करती है।
उन्होंने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाला अनुभव विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उनके करियर को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही, योजना के अंतर्गत मिलने वाला आर्थिक सहयोग विद्यार्थियों को सीखने पर पूर्ण ध्यान केंद्रित करने में सहायक सिद्ध होता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं को खुलकर प्रस्तुत किया, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। अंत में प्राचार्य प्रो. डॉ. आशुतोष शरण ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़कर अपने कौशल और भविष्य को सशक्त बनाएं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण भी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

