चकराता। गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चकराता के भौतिक विज्ञान की विभागीय परिषद का गठन किया गया। परिषद के बैनर तले आयोजित शैक्षिक प्रतियोगिताओं में छात्र/छात्राओं में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया।
शुक्रवार को गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, चकराता में भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा विभागीय गतिविधियों को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से विभागीय परिषद का गठन किया गया। परिषद के अध्यक्ष के रूप में समीर (बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर) तथा उपाध्यक्ष के रूप में राहुल (बीएससी षष्ठम सेमेस्टर) को मनोनीत किया गया।
इसके उपरांत विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता का विषय “शिक्षा में एआई (कृत्रिमबुद्धिमता ) की भूमिका” तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का विषय “भौतिक विज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण खोजें” रखा गया।
इन प्रतियोगिताओं का आयोजन भौतिक विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. सुदिप्ता कंडारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. शिवांगी उपाध्याय एवं डॉ. नवीन चंद्र निर्णायक मंडल के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष मूल्यांकन किया।
पोस्टर प्रतियोगिता में राहुल (बीएससी षष्ठम सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मनीष (बीएससी षष्ठम सेमेस्टर) द्वितीय तथा समीर (बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर) तृतीय स्थान पर रहे। वहीं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में समीर (बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि राहुल (बीएससी षष्ठम सेमेस्टर) द्वितीय और मनीष (बीएससी षष्ठम सेमेस्टर) तृतीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुदिप्ता कंडारी, डॉ. शिवांगी उपाध्याय तथा डॉ. नवीन चंद्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में एआई नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है और इससे शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया अधिक प्रभावी, सरल और रोचक बन रही है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आशुतोष शरण ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान की भावना और सृजनात्मकता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में एआई जैसी उन्नत तकनीकों को समझना और उनका सही उपयोग करना विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा नवीन ज्ञान की ओर निरंतर अग्रसर रहने के संदेश के साथ हुआ। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के शैक्षिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।