मुनिकीरेती। गढ़वाल मंडल विकास निगम के एमडी प्रतीक जैन के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव इस बार कुछ हटकर दिख रहा है। योग महोत्सव की व्यवस्थाओं से लेकर कार्यक्रम तक लोगों का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं।
लंबे समय बाद 2013/14 में राज्य सरकार ने परमार्थ निकेतन से अलग हटकर अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव कराने निर्णय लिया। 12 सालों से गढ़वाल मंडल विकास निगम इस जिम्मेदारी को निभा रहा है। हर साल परमार्थ निकेतन और जीएमवीएन के आयोजन की तुलना होने लगती है।
सरकारी सिस्टम में विभिन्न वजहों से कुछ न कुछ कमी दिख जाती थी। कई बातांें की नकारात्मक चर्चाएं भी खूब होती थी। कुल मिलाकर जीएमवीएन के बैनर तले होने वाले योग महोत्सव आशातीत उत्साह पैदा नहीं कर पाता था। इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का कार्यक्रम तेज तर्रार आईएएस अधिकारी प्रतीक जैन के नेतृत्व में हो रहा है।
सोमवार को उदघाटन के मौके पर ही पहली बार महसूस होने लगा कि इस बार महोत्सव में कुछ खास है।चाक चौबंद व्यवस्था, शानदार हॉस्पिटैलिटी और निर्णय लेने के मामले स्पष्टता का असर दो दिनों में ही दिखने लगा। हैरिटेज वॉक समेत महोत्सव में युवाओं की भूमिका ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। योग महोत्सव को कुछ हटकर करने और करके दिखाने के प्रयासों की स्थानीय स्तर पर खूब सराहना हो रही है।
हॉस्पिटैलिटी के मामले में जीएमवीएन का रिकॉर्ड शानदार रहा है। योग महोत्सव में जीएमवीएन का टीम वर्क महोत्सव में खूब झलक रहा है। अच्छी बात ये है कि जीएमवीएन के एमडी प्रतीक जैन हर दिन हर स्तर से फीडबैक ले रहे हैं। बेहतरी से संबंधित मीडिया के सुझावों को तत्काल लागू किया जा रहा है।
कुल मिलाकर जीएमवीएन के बैनर तले चले रहे अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव को लेकर कम्यूनिटी के स्तर पर सकारात्मक टिप्पणी सुनने को मिल रही है। प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन का कहना है कि प्रयास होगा कि और बेहतर हो। निगम इस दिशा में पूरे प्रयास कर रहा है।