शिक्षा विभाग का प्राथमिक/ जूनियर शिक्षकों के लिए अजीब फरमान

शिक्षा विभाग का प्राथमिक/ जूनियर शिक्षकों के लिए अजीब फरमान

- in शिक्षा
0

देहरादून। शिक्षा विभाग ने राज्य के प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल में तैनात शिक्षकों के लिए अजीब फरमान जारी किया है। इस फरमान के मुताबिक शिक्षकों को स्वयं के प्रमाण पत्र संबंधित संस्थाओं से प्रमाणित कर विभाग के सामने प्रस्तुत करने होंगे।

उल्लेखनीय है कि नैनीताल हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया था कि सभी प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों के उन समस्त प्रमाण पत्रों की जांच की जाए जिसके आधार पर वो सरकारी शिक्षक बनें हैं। विभाग ने प्रत्येक शिक्षक से उक्त सभी प्रमाण पत्रों की स्वप्रमाणित प्रति मांगी।

उक्त अभिलेखों को शिक्षक स्वप्रमाणित कर विभाग को सौंप चुके हैं। अब शिक्षा विभाग ने नया फरमान जारी कर दिया है। इस फरमान के मुताबिक शिक्षकों को अपने वो सारे प्रमाण पत्र संबंधित संस्थाओं से प्रमाणित कर विभाग को प्रस्तुत करने होंगे।

अब सवाल खड़ा हो रहा है कि जिस काम को विभाग महीनों की एक्सारसाइज के बाद भी नहीं कर पा रहा है, उस काम को शिक्षक के सिर डालने का क्या मतलब। कोई फर्जी शिक्षक स्वयं को क्यों फर्जी साबित करेगा।

प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने इसे तुगलकी फरमान करार दिया। कहा कि सभी शिक्षक सत प्रतिशत सही है। यदि कोई फर्जी है तो उसे ट्रेस करने की जिम्मेदारी विभाग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

कोरोना मीटरः 10 की मौत, 618 नए मामले 560 हुए ठीक

देहरादून। उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में 618